Asaduddin Owaisi Rameshwar Sharma Controversy:भोपाल: बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप को लेकर दिए गए मिसाइल वाले बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में पलटवार किया है। समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित सभा के दौरान ओवैसी ने शर्मा को मंच से चुनौती दी और कहा कि अगर उन्होंने काजी कैंप को लेकर ऐसा बयान दिया है तो वे खुद वहां आकर मिसाइल लॉन्च करके दिखाएं।
ओवैसी ने अपने भाषण में शर्मा के बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह काजी कैंप में अकेले खड़े रहने के लिए तैयार हैं। उन्होंने काजी कैंप के इतिहास और वहां से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों का भी उल्लेख किया।
क्या है काजी कैंप विवाद?
Asaduddin Owaisi Rameshwar Sharma Controversy:यह विवाद सितंबर की शुरुआत में भोपाल के करोंद इलाके में आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद शुरू हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, शर्मा ने मंच से करोंद चौराहे से मिसाइल चलाकर काजी कैंप में गिराने की बात कही थी। बयान सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गes+1
बाद में शर्मा ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप से था। उन्होंने अपने बयान को भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ से जोड़ा था।
ओवैसी ने मंच से क्या कहा?
Asaduddin Owaisi Rameshwar Sharma Controversy:भोपाल की सभा में ओवैसी ने शर्मा की सफाई और पहले दिए गए बयान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शर्मा अपने बयान पर कायम हैं तो उन्हें काजी कैंप आकर अपनी बात साबित करनी चाहिए।
ओवैसी ने अपने संबोधन में काजी सैयद आबिद अली समेत कई ऐतिहासिक व्यक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि काजी कैंप के इतिहास को भी समझने की जरूरत है। उन्होंने शर्मा को संबोधित करते हुए उन्हें ‘छोटू’ कहकर भी निशाना बनाया।
UCC के मुद्दे पर भी ओवैसी ने साधा निशाना
Asaduddin Owaisi Rameshwar Sharma Controversy:भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा समान नागरिक संहिता था। ओवैसी ने अपने संबोधन में UCC को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
इस तरह काजी कैंप को लेकर रामेश्वर शर्मा और असदुद्दीन ओवैसी के बयानों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। शर्मा के मूल बयान और बाद में दी गई सफाई पर पहले से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं, जबकि अब ओवैसी की टिप्पणी के बाद मामला फिर चर्चा में है।

