AmbalaAmbala
Spread the love

रिपोर्टर: ईशु कुमार

Ambala : हरियाणा के अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर चाइल्डलाइन और पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ दूसरे राज्यों से मजदूरी के लिए लाए जा रहे 11 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है। ‘कर्मभूमि एक्सप्रेस’ में सफर कर रहे इन बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल में धकेलने की तैयारी थी, जिसे संयुक्त टीम ने समय रहते नाकाम कर दिया।

Ambala टोल-फ्री नंबर पर मिली गुप्त सूचना के बाद एक्शन

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई। ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस’ संस्था को उनके टोल-फ्री नंबर पर बच्चों की तस्करी से जुड़ी एक इनपुट मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल चाइल्डलाइन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना वक्त गंवाए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और ट्रेन के पहुंचते ही सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

Ambala बिहार से पंजाब और अंबाला भेजने की थी तैयारी

ट्रेन में तलाशी के दौरान टीम ने जब संदिग्ध बच्चों से पूछताछ की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। बच्चों ने बताया कि वे सभी बिहार के रहने वाले हैं। उन्हें बहला-फुसलाकर पंजाब के लुधियाना और आसपास के इलाकों में स्थित फैक्ट्रियों में बंधुआ मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। वहीं, कुछ बच्चों को अंबाला के ही स्थानीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर काम पर लगाने की योजना थी।

Ambala एक लड़की समेत 11 बच्चे बचाए गए, बड़े नेटवर्क की तलाश

तस्करी और बाल श्रम के एंगल से जांच शुरू इस सफल कार्रवाई में एक नाबालिग लड़की सहित कुल 11 बच्चों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। अधिकारियों ने सभी बच्चों को अपनी देखरेख और बाल संरक्षण गृह में ले लिया है, जहाँ उनकी काउंसलिंग की जा रही है। इसके साथ ही प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी (Human Trafficking) और बाल श्रम के संगठित नेटवर्क के कोण से कर रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे कौन-कौन से मुख्य सरगना शामिल हैं।

ये भी पढ़े: Dantewada महिला हत्याकांड: पुलिस ने सुलझाई दो साल पुरानी मर्डर मिस्ट्री