रिपोर्टर: गनेश सिंह
Haldwani Plastic Pollution Awareness : उत्तराखंड के हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम के सहयोग से ‘नारी शक्ति स्वायत्त सहकारिता समूह’ की महिलाएं प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक अनूठी और प्रभावी मुहिम चला रही हैं। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत इस समूह की अध्यक्षा कमला परगाईं के नेतृत्व में महिलाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि समाज को एक स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं।

Haldwani Plastic Pollution Awareness घरों में जाकर दे रहीं ‘सोर्स सेग्रीगेशन’ (कचरा पृथक्करण) की ट्रेनिंग
समूह की विशेष टीम ने अब तक लगभग 500 घरों का दौरा कर लोगों को ‘सोर्स सेग्रीगेशन’ यानी गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के प्रति जागरूक किया है। महिलाएं नागरिकों को समझा रही हैं कि प्लास्टिक की थैलियों में कूड़ा भरकर और उसमें गांठ लगाकर फेंकने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। प्लास्टिक कचरा नालियों और नहरों को जाम कर देता है, जिससे जलभराव की स्थिति पैदा होती है। इसके अलावा बेसहारा पशु (विशेषकर गायें) इन्हें खाकर बीमार हो जाते हैं, जिससे अंततः मानव स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।
Haldwani Plastic Pollution Awareness जूट उत्पादों से आत्मनिर्भरता और पर्यावरण सुरक्षा दोनों को बढ़ावा
प्लास्टिक के एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प के रूप में समूह की महिलाएं खुद जूट के विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं।
- बनाए जा रहे उत्पाद: इनमें आकर्षक जूट बैग, शादी के अनोखे निमंत्रण पत्र और मंदिरों, होटलों व रसोईघरों के लिए विशेष रूप से तैयार जूट की चप्पलें शामिल हैं।
- दोहरा लाभ: इन पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) उत्पादों के निर्माण से जहां एक तरफ शहर में प्लास्टिक का उपयोग कम हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं।
Haldwani Plastic Pollution Awareness स्वच्छता अभियान और दीवारों का सौंदर्यीकरण
कचरा प्रबंधन और जूट उत्पाद बनाने के साथ-साथ यह महिला समूह शहर के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में भी जुटा है। समूह की सदस्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई करने के साथ-साथ दीवारों को स्वच्छ कर शहर के वातावरण को सकारात्मक रूप दे रही हैं। कमला परगाईं के नेतृत्व में चल रहा यह सामूहिक प्रयास हल्द्वानी को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है।

