ACP Vivek Bhagat PromotionACP Vivek Bhagat Promotion
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ACP Vivek Bhagat Promotion:नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी के मामले में दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को मिला अतिरिक्त DCP का कार्यभार फिलहाल रोक दिया गया है। दिल्ली सरकार ने पहले जारी आदेश में संशोधन करने का फैसला किया है। विवेक भगत ने खुद कहा है कि जब तक उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती, वह नई जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेंगे।

महिला पत्रकार ने लगाए थे आरोप

ACP Vivek Bhagat Promotion:मामला उस समय सामने आया जब निर्वाचन आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए थे।

शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। फिलहाल जांच एजेंसी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

ACP ने खुद जिम्मेदारी लेने से किया इनकार

ACP Vivek Bhagat Promotion:दिल्ली सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी जानकारी के मुताबिक, DANIPS अधिकारी विवेक भगत ने अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक उन्हें अतिरिक्त DCP का वर्तमान कार्यभार न दिया जाए।

उन्होंने कहा है कि मामले की जांच पूरी होने और उसके निष्कर्ष से संतुष्ट होने के बाद ही वह नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद सरकार ने पांच अक्टूबर को जारी आदेश में उनके संबंध में संशोधन करने का फैसला किया।

12 अधिकारियों को दिया गया था अतिरिक्त कार्यभार

ACP Vivek Bhagat Promotion:इससे पहले दिल्ली सरकार के आदेश में कुल 12 अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) का वर्तमान कार्यभार सौंपा गया था। इनमें विवेक भगत का नाम भी शामिल था।

सरकार के मुताबिक यह व्यवस्था अस्थायी प्रकृति की थी और इससे अधिकारियों को कोई अतिरिक्त वित्तीय लाभ नहीं मिलता। साथ ही, वर्तमान कार्यभार पाने वाले अधिकारी नियमित रूप से नियुक्त ADCP के सभी वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

अब विवेक भगत का नाम हटाकर बाकी 11 अधिकारियों के संबंध में संशोधित आदेश जारी किया जाएगा।

इन अधिकारियों को मिली थी जिम्मेदारी

ACP Vivek Bhagat Promotion:ADCP का वर्तमान कार्यभार सौंपे गए अधिकारियों में डॉ. विकास श्योकंद, ए. वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेनू लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, सकारिया मिहिर प्रवीणभाई, गरिमा तिवारी, विवेक भगत, आशीष कुमार, मनीष लाडला और रोहित गुप्ता शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन अधिकारियों को कार्यभार देने की प्रक्रिया पहले से प्रस्तावित थी और इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया था।

तीन महिला पत्रकारों ने की थी शिकायत

ACP Vivek Bhagat Promotion:जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के बाद तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि नई दिल्ली जिले को संबंधित शिकायतें मिली थीं और निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया।

आरोप सामने आने के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने भी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।

क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच

ACP Vivek Bhagat Promotion:फिलहाल मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पास है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, विवेक भगत द्वारा जांच पूरी होने तक अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं लेने के फैसले के बाद उनके प्रमोशन से जुड़ा आदेश भी फिलहाल संशोधित किया जा रहा है।

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