Rahul Gandhi:नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को सियासी हलचल तेज हो गई। प्रदर्शन के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। इसके बाद राहुल गांधी ने परिसर के अंदर से मीडिया से बातचीत की और सरकार व चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
Rahul Gandhi:राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन में विपक्षी दलों के करीब 300 सांसद शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष केवल भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसे राजनीतिक रूप से समाप्त करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के साथ जो कुछ किया गया है, वह उनके मुताबिक ‘देशद्रोह’ है और इसके लिए किसी को भी जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।
प्रदर्शन के बीच आकाशवाणी परिसर पहुंचे राहुल-प्रियंका
Rahul Gandhi:चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च के दौरान स्थिति उस समय बदल गई, जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन के परिसर में दाखिल हो गए। प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लेकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया था।
राहुल और प्रियंका के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा भी परिसर के अंदर पहुंचे। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी और श्रीनिवास बीवी के भी वहां पहुंचने की जानकारी सामने आई।
आकाशवाणी परिसर में नेताओं का धरना
Rahul Gandhi:कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि इंडिया गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। उनके मुताबिक, इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता चुनाव आयोग कार्यालय के नजदीक स्थित आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठ गए।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का विरोध
Rahul Gandhi:विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इन्हीं को लेकर वह चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहता है।
मंगलवार को प्रस्तावित मार्च और पुलिस की कार्रवाई के बाद राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं। विपक्षी नेताओं के बयानों के बीच अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ने के आसार हैं।

