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by-Ravindra Sikarwar

लंदन: अमेरिकी दवा और उपभोक्ता उत्पाद कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) अब ब्रिटेन में भी कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी पर आरोप है कि उसके टैल्क-आधारित बेबी पाउडर में एस्बेस्टोस जैसे कैंसरकारी तत्वों की मौजूदगी के कारण हजारों लोगों को ओवेरियन कैंसर या मेसोथेलियोमा जैसी घातक बीमारियां हुईं। यह ब्रिटेन में इस तरह के पहले मुकदमे हैं, जहां 3,000 से अधिक लोग दावा कर रहे हैं कि 1965 से 2023 तक कंपनी के उत्पादों के इस्तेमाल से उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा। ये दावे लंदन की हाई कोर्ट में दाखिल किए गए हैं, और दावेदारों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्म केपी लॉ ने मुकदमे की कुल वैल्यू लगभग 1 अरब पाउंड (करीब 1.34 अरब अमेरिकी डॉलर) आंकी है। यह मामला कंपनी की वैश्विक छवि को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब अमेरिका में पहले से ही हजारों ऐसे मुकदमे चल रहे हैं।

मुकदमे में जेएंडजे के अलावा उसकी पूर्व सहायक कंपनी केनव्यू यूके लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है। केनव्यू 2023 में जेएंडजे की उपभोक्ता स्वास्थ्य इकाई से अलग हुई थी, और अब अमेरिका व कनाडा के बाहर टैल्क से जुड़े मुकदमों की जिम्मेदारी इसी पर है। दावेदारों का कहना है कि जेएंडजे ने दशकों तक जोखिमों को छिपाया, नियामकों पर दबाव बनाया और स्वास्थ्य जोखिमों को कमतर दिखाने वाले अध्ययनों को प्रायोजित किया। बैरिस्टर माइकल रॉलिंसन केसी ने अदालती दस्तावेजों में कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे टैल्क खदानें हैं जहां एस्बेस्टोस नहीं पाया जाता, और कंपनी को आपूर्ति करने वाली खदानों में यह तत्व मौजूद था। कंपनी की अपनी शोध, वैज्ञानिक साहित्य और रिपोर्ट्स से यह जानकारी उपलब्ध थी, लेकिन फिर भी उत्पाद बेचे जाते रहे।

टैल्क एक प्राकृतिक खनिज है जो जमीन से निकाला जाता है, और एस्बेस्टोस की संभावित मिलावट इसके खदानों में सामान्य समस्या है। दावेदारों का आरोप है कि बेबी पाउडर लगाते समय बोतल को दबाने या हिलाने से पाउडर की बादल जैसी परत हवा में लंबे समय तक रहती है, जिसे सांस के जरिए फेफड़ों में जाकर मेसोथेलियोमा जैसी बीमारी पैदा करती है। एनएचएस के अनुसार, मेसोथेलियोमा लगभग हमेशा एस्बेस्टोस के संपर्क से होता है। ओवेरियन कैंसर के मामले में, दावा है कि पाउडर का इस्तेमाल जननांग क्षेत्र में करने से यह कैंसर का कारण बनता है।

व्यक्तिगत कहानियां इस मुकदमे को और गंभीर बनाती हैं। 75 वर्षीय जेनेट फुशिलो ने बताया कि उन्होंने 1960 के दशक से लगभग 50 वर्षों तक खुद और अपने चार बच्चों पर जेएंडजे का बेबी पाउडर इस्तेमाल किया, जैसे डायपर बदलते समय या नहाने के बाद। सात साल पहले उन्हें ओवेरियन कैंसर का पता चला, और अब वे चिंतित हैं कि उनके बच्चों पर भी इसका असर पड़ा हो। उन्होंने कहा, “बचपन में हर कोई इसका इस्तेमाल करता था।” एक अन्य दावेदार पैट्रिशिया एंजेल ने अपने पति एडवर्ड की कहानी साझा की, जो 2006 में 64 वर्ष की उम्र में मेसोथेलियोमा से मर गए। एडवर्ड एक इलेक्ट्रीशियन थे, जिन्हें काम पर एस्बेस्टोस का कोई ज्ञात संपर्क नहीं था, लेकिन वे रोजाना नहाने के बाद टैल्कम पाउडर लगाते थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एस्बेस्टोस के साथ टैल्क का जिक्र था, और पैट्रिशिया का मानना है कि इससे उनके पति को 19 साल की जिंदगी से वंचित किया गया और बच्चों को पिता से।

जेएंडजे ने इन आरोपों का खंडन किया है। कंपनी का कहना है कि उसके टैल्क उत्पाद सुरक्षित हैं और उनमें एस्बेस्टोस नहीं है। केनव्यू के प्रवक्ता ने कहा, “कैंसर से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। लेकिन तथ्य महत्वपूर्ण हैं। जॉनसन बेबी पाउडर की सुरक्षा को ब्रिटेन और दुनिया भर के स्वतंत्र प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य प्राधिकरणों द्वारा वर्षों के परीक्षणों से समर्थन मिला है। इसमें इस्तेमाल किया गया कॉस्मेटिक ग्रेड टैल्क नियामकीय मानकों का पालन करता था, एस्बेस्टोस मुक्त था और कैंसर का कारण नहीं बनता।” कंपनी का मानना है कि ब्रिटेन की अदालत में जज इस निष्कर्ष पर पहुंचेंगे कि पाउडर कैंसर का कारण नहीं है।

अमेरिका में जेएंडजे पहले से ही हजारों मुकदमों का सामना कर रही है, जहां दावेदारों का आरोप है कि बेबी पाउडर और अन्य टैल्क उत्पादों से कैंसर हुआ। कंपनी ने 2020 में अमेरिका में और 2023 में ब्रिटेन में टैल्क-आधारित पाउडर बेचना बंद कर दिया, अब कॉर्नस्टार्च आधारित उत्पाद बेच रही है। अमेरिका में कंपनी ने मुकदमों को सुलझाने के लिए दिवालिया होने की रणनीति अपनाई, लेकिन संघीय अदालतों ने इसे तीन बार खारिज कर दिया। पिछले सप्ताह एक मामले में कंपनी को 966 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया, जिसमें 950 मिलियन डॉलर दंडात्मक क्षतिपूर्ति थी, हालांकि अपील में यह कम हो सकती है। ब्रिटेन में क्षतिपूर्ति आमतौर पर अमेरिका की तुलना में कम होती है, और मुकदमे जज द्वारा तय किए जाते हैं, जूरी द्वारा नहीं।

यह मुकदमा उपभोक्ता उत्पादों की सुरक्षा और कॉरपोरेट जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है। दावेदारों का कहना है कि जेएंडजे ने लाभ के लिए जोखिम छिपाए, जबकि कंपनी विज्ञान और परीक्षणों पर आधारित अपनी सुरक्षा का दावा करती है। मामला अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यह जेएंडजे की वैश्विक प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।