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by-Ravindra Sikarwar

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां एक 25 वर्षीय युवक को उसके ही दोस्त ने मात्र 11 सेकंड में तीन गोलियां मार दीं, जबकि एक अन्य साथी ने इस क्रूर कृत्य की पूरी वीडियो रिकॉर्ड की। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे शहर में दहशत फैल गई। पीड़ित का शव नरहड़ा गांव के जंगल क्षेत्र में एक ट्यूबवेल के पास मिला, और पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना मेरठ में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर जब अपराधियों ने हत्या को फिल्माने और वायरल करने का साहस दिखाया।

घटना का पूरा विवरण:
यह सनसनीखेज वारदात मेरठ के लोहियां नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नरहड़ा गांव के जंगली इलाके में हुई। बुधवार सुबह पीड़ित का शव ट्यूबवेल के पास पड़ा मिला, लेकिन वीडियो से पता चला कि हत्या मंगलवार रात या बुधवार तड़के हुई थी। 11 सेकंड की इस छोटी लेकिन भयावक वीडियो में पीड़ित जमीन पर लेटा हुआ दिखाई देता है, जबकि हमलावर—जो उसका करीबी दोस्त था—नजदीक से तीन गोलियां उसके सीने में दागता है। वीडियो में पृष्ठभूमि में एक आवाज सुनाई देती है, “छोड़ दो” (या “ड्रॉप इट”), जिसके बाद हमलावर मोटरसाइकिल पर भाग जाते हैं। पुलिस को शक है कि यह वीडियो हत्या के तुरंत बाद या पहले रिकॉर्ड की गई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित उस समय जिंदा था या नहीं। शव की बरामदगी के समय कोई चश्मदीद गवाह नहीं मिला, लेकिन वायरल वीडियो ने पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया।

पीड़ित और आरोपी की पहचान:

  • पीड़ित: 25 वर्षीय आदिल, जिसे स्थानीय रूप से रहान के नाम से जाना जाता था, मेरठ के लिसारी गेट क्षेत्र की राधना वाली गली का निवासी था। वह एक छोटे कपड़े के विक्रेता के रूप में काम करता था और सामान्य जीवन जी रहा था। परिवार के अनुसार, वह अपने दोस्तों के साथ घुलमिलकर रहता था, लेकिन किसी पुरानी दुश्मनी या व्यक्तिगत विवाद की कोई जानकारी नहीं थी। उसकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है, और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।
  • आरोपी: मुख्य हमलावर पीड़ित का ही दोस्त है, जिसकी पहचान अभी पूरी तरह उजागर नहीं हुई है। एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड की, जो सहयोगी के रूप में कार्यरत था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित के परिवार की शिकायत में कुल छह नामजद आरोपी हैं, जिनमें हमलावर, वीडियो बनाने वाला और अन्य संदिग्ध शामिल हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, आरोपी अभी फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। यह दोस्ती का रिश्ता होने के कारण घटना और भी दुखद बन जाती है, जहां विश्वासघात ने हिंसा का रूप ले लिया।

वीडियो का भयानक चित्रण:
यह 11 सेकंड की क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जिसमें हमलावर का चेहरा साफ दिखाई देता है। वीडियो में पीड़ित के सीने पर तीनों गोलियां निशाना बनाई गईं, जो नजदीकी रेंज से दागी गईं। रिकॉर्डिंग करने वाले की आवाज अंत में “छोड़ दो” कहती सुनाई देती है, जो शायद हमलावर को गोली चलाना बंद करने का संकेत था। अपराधियों ने खुद ही इस वीडियो को ऑनलाइन अपलोड किया, जिसका उद्देश्य पुलिस को चुनौती देना या दहशत फैलाना लगता है। मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन तांड़ा ने इसे शहर का पहला ऐसा मामला बताया, जहां हत्या को जानबूझकर फिल्माया गया और वायरल किया गया। वीडियो की वजह से मेरठ में हड़कंप मच गया, और लोग सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क हो गए हैं।

हत्या का कारण: जांच के दायरे में
पुलिस अभी तक हत्या के पीछे के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाई है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलते हैं कि यह किसी व्यक्तिगत विवाद या पुरानी दुश्मनी से जुड़ा हो सकता है, लेकिन पुष्टि नहीं हुई। एसएसपी तांड़ा ने कहा कि वीडियो को वायरल करने का मकसद संगठित गिरोहों द्वारा पुलिस को खुली चुनौती देना हो सकता है। दोनों पहलुओं—हत्या और वीडियो प्रसार—की गहन जांच चल रही है। परिवार का कहना है कि पीड़ित का किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए यह अचानक हमला लगता है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया:
मेरठ पुलिस ने पीड़ित के परिवार की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की और विशेष जांच टीम गठित की। एसएसपी विपिन तांड़ा के नेतृत्व में टीम आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी और वीडियो अपलोड के स्रोत की तलाश कर रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें तीन गोलियों से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया ट्रेसिंग पर काम कर रही है। तांड़ा ने आश्वासन दिया कि आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे और कानूनी कार्रवाई सख्ती से होगी। उसी दिन मेरठ के अन्य हिस्सों में दो और हत्याओं की खबरें आईं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया:
पीड़ित के परिवार ने पुलिस से त्वरित न्याय की मांग की है। पिता ने कहा, “हमारा बेटा निर्दोष था, दोस्त ने विश्वास तोड़ा। अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” कॉलोनी के निवासी डरे हुए हैं, क्योंकि वीडियो ने स्थानीय स्तर पर भय का माहौल बना दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो को हटाने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन यह पहले ही लाखों लोगों तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को दर्शाती हैं, जहां अपराध को गौरव का प्रतीक बना दिया जाता है।

व्यापक संदर्भ: मेरठ में बढ़ते अपराध
यह घटना मेरठ की हालिया आपराधिक प्रवृत्तियों की याद दिलाती है। कुछ महीने पहले एक अन्य मामले में एक महिला और उसके प्रेमी ने पति की हत्या कर शव को ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाया था। इन घटनाओं से शहर में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता बढ़ गई है। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि अपराध वीडियो बनाने वालों को साइबर कानूनों के तहत भी सजा दी जाएगी। यह मामला न केवल व्यक्तिगत हिंसा का प्रतीक है, बल्कि समाज में दोस्ती और विश्वास की नाजुकता को भी उजागर करता है। जांच पूरी होने पर और खुलासे हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल अपराधियों की गिरफ्तारी ही न्याय का पहला कदम लगता है।