by-Ravindra Sikarwar
जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी (आप) के इकलौते विधायक मेराज मलिक को जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई की विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा करते हुए इसे “अलोकतांत्रिक” बताया है।
घटना का विवरण:
- हिरासत का कारण: पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेराज मलिक को “सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में बाधा डालने” के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उन पर कुछ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप है।
- पी.एस.ए. (जन सुरक्षा अधिनियम): यह एक कठोर कानून है जो सरकार को बिना किसी मुकदमे के व्यक्ति को दो साल तक हिरासत में रखने का अधिकार देता है। इसका उपयोग अक्सर कानून व्यवस्था के लिए खतरा माने जाने वाले लोगों पर किया जाता है।
- विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया: विपक्षी दलों ने मेराज मलिक की हिरासत की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। आप के नेता और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए इस कानून का दुरुपयोग कर रही है।
- आप का रुख: पार्टी ने इस कदम को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है और मेराज मलिक की तत्काल रिहाई की मांग की है। आप का कहना है कि उनके विधायक ने केवल जनता के मुद्दों को उठाया था।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियों पर पहले से ही कड़ी नजर रखी जा रही है।
