Moradabad Municipal:उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों में फेरबदल का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में मुरादाबाद की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां भाजपा के पूर्व विधायक राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी ने अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इन नेताओं के पार्टी में आने से मुरादाबाद नगर सीट के चुनावी समीकरणों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दिग्गजों की सपा में एंट्री और राजनीतिक सफर
Moradabad Municipal:सपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी का दामन थामा, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- राजीव चन्ना (पूर्व विधायक): राजीव चन्ना का मुरादाबाद की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वर्ष 2007 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर मुरादाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे। अब उनके सपा में शामिल होने से मुरादाबाद नगर सीट से उनकी संभावित दावेदारी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
- मनमोहन सैनी: मनमोहन सैनी का भी पुराना समाजवादी पार्टी से नाता रहा है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वह सपा के टिकट पर ठाकुरद्वारा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रहे। अब उन्होंने एक बार फिर सपा में वापसी कर ली है।
- भवानी शुक्ला और उनके बेटे: इनके अलावा भवानी शुक्ला ने अपने पांच बेटों (श्रीकृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, शंकर भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और राम भगवान शुक्ला) के साथ सपा की सदस्यता ली। इस दौरान पार्टी कार्यालय में जोरदार नारेबाज़ी भी देखने को मिली।
मुरादाबाद नगर सीट के सियासी समीकरण और पिछला मुकाबला
Moradabad Municipal:दोनों नेताओं के सपा में शामिल होने के बाद मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अभी इस सीट से अपने आधिकारिक उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन इन नेताओं की एंट्री से टिकट की दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली थी, जहां भाजपा के रितेश कुमार गुप्ता ने सपा के मोहम्मद यूसुफ अंसारी को बेहद कम अंतर यानी महज 782 वोटों से हराया था। इस बेहद करीबी मुकाबले के बाद 2027 के चुनाव में दोनों ही प्रमुख दलों की रणनीति बेहद अहम रहने वाली है।
दूसरी ओर, चुनाव से ठीक पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला जारी है। इससे पहले बुधवार को सपा के तीन बागी विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। बहरहाल, राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी के आने से मुरादाबाद की सियासत में आने वाले दिनों में और रोमांच देखने को मिल सकता है।

