Moradabad Rural Assembly Election 2027:उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा सीट पिछले कई दशकों से एक बेहद महत्वपूर्ण और चर्चित राजनीतिक केंद्र रही है। साल 1991 से लेकर 2022 तक हुए 8 विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस सीट पर समाजवादी पार्टी (SP) का दबदबा साफ नजर आता है। हाल के चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर सपा ने इस सीट को अपना मजबूत गढ़ बना लिया है, वहीं बीजेपी यहां अपनी जीत का सूखा खत्म करने के लिए संघर्ष कर रही है।
मुरादाबाद ग्रामीण सीट का चुनावी इतिहास और आंकड़े (1991 से 2022)
Moradabad Rural Assembly Election 2027:निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस सीट पर समय-समय पर सियासी समीकरण बदलते रहे हैं:
- 1991: मोहम्मद रिजवानुल हक (JD) ने 31,787 वोट पाकर बीजेपी के शिव कुमार सिंह (26,570 वोट) को 5,217 वोटों से हराया था।
- 1993: सुरेश प्रताप सिंह (BJP) ने 56,098 वोट हासिल कर सपा के सौलत अली (43,365 वोट) को 12,733 वोटों से शिकस्त दी थी। (यह आखिरी बार था जब बीजेपी ने यहां जीत दर्ज की थी)।
- 1996: सौलत अली (SP) ने 49,327 वोट पाकर निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद रिजवानुल हक (47,349 वोट) को मात्र 1,978 वोटों के करीबी अंतर से हराया।
- 2002: शमीमुल हक (INC) ने 52,367 वोट हासिल कर सपा के सौलत अली (37,450 वोट) को 14,917 वोटों से मात दी।
- 2007: बसपा की आंधी के बावजूद सपा के उस्मानुल हक (49,194 वोट) ने बीजेपी के रामवीर सिंह (46,034 वोट) को 3,160 वोटों से हराकर सीट पर कब्जा जमाया।
- 2012: शमीमुल हक (SP) ने 72,213 वोट पाकर बीजेपी के सुरेश चंद्र सैनी (49,477 वोट) को 22,736 वोटों के अंतर से हराया।
- 2017: मोदी लहर के बावजूद सपा के हाजी इकराम कुरैशी (97,916 वोट) ने बीजेपी के हरिओम शर्मा (69,135 वोट) को 28,781 वोटों से हराया।
- 2022: मोहम्मद नासिर (SP) ने 1,43,337 वोट हासिल कर बीजेपी के कृष्णकांत मिश्रा (86,517 वोट) को 56,820 के भारी-भरकम अंतर से करारी शिकस्त दी।
पिछले चार चुनावों से सपा का एकछत्र राज और बीजेपी की चिंताएं
Moradabad Rural Assembly Election 2027;प्रदेश में कई मौकों पर चली बड़ी राजनीतिक लहरों के बावजूद मुरादाबाद ग्रामीण सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपना वर्चस्व कायम रखा है। साल 2007 में जब पूरे उत्तर प्रदेश में बीएसपी की जबरदस्त लहर थी, तब भी सपा ने इस सीट पर बाजी मारी थी। इसके बाद 2017 की भारी बीजेपी लहर भी इस सीट पर सपा के विजय रथ को नहीं रोक पाई।
खास बात यह है कि 2012 के बाद से इस सीट पर सपा की जीत का अंतर लगातार बढ़ता ही गया है। हालांकि, पिछले तीन चुनावों से लगातार दूसरे स्थान पर बीजेपी ही रही है, जो यह साबित करता है कि यहां मुख्य मुकाबला सपा और बीजेपी के बीच ही होता आया है। फिर भी, बीजेपी के लिए यह चिंता का विषय है कि 1993 के बाद से वह इस सीट पर जीत का स्वाद नहीं चख पाई है और 2007 के बाद से हार का अंतर लगातार बढ़ता गया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: क्या बदलेगा सियासी समीकरण?
Moradabad Rural Assembly Election 2027:अब नजरें आगामी पर टिकी हैं। एक तरफ समाजवादी पार्टी के सामने अपने इस ऐतिहासिक गढ़ को बचाने की कड़ी चुनौती होगी, तो दूसरी तरफ बीजेपी 1993 के इतिहास को दोहराने और इस सीट पर पहली बार कमल खिलाने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में होगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 का मुकाबला काफी हद तक पार्टियों द्वारा उम्मीदवारों के सटीक चयन, संभावित गठबंधनों और स्थानीय स्तर के समीकरणों पर निर्भर करेगा। क्या सपा अपनी बादशाहत बरकरार रखेगी या बीजेपी लंबे इंतजार के बाद इस सीट पर कब्जा करने में सफल होगी, यह तो वक्त ही बताएगा।

