Parminder Jhota Murder:एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। मानसा एक्शन कमेटी द्वारा बुलाए गए इस बंद के तहत राज्य के कई जिलों में बाजार, दुकानें और शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहे, जबकि आपातकालीन सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है।
झोटा हत्या मामला और प्रमुख मांगें
Parminder Jhota Murder:परविंदर सिंह झोटा की हत्या उस समय हुई थी, जब वे एक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा बुजुर्ग व्यक्ति को नशीले पदार्थ बेचने के आरोप को लेकर पूछताछ कर रहे थे और इस दौरान फेसबुक लाइव कर रहे थे। इस घटना के बाद से सिख संगठनों, किसानों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
मानसा एक्शन कमेटी और पीड़ित परिवार ने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
- CBI जांच: पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए।
- नैतिक जिम्मेदारी और इस्तीफे: मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव अपने पदों से इस्तीफा दें।
- प्रशासनिक कार्रवाई: मानसा के एसएसपी (SSP), डीएसपी (DSP), एसएचओ (SHO) और ड्रग इंस्पेक्टर को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
कई जिलों में दिखा बंद का असर और प्रशासन की कार्रवाई
Parminder Jhota Murder:बंद के आह्वान के चलते होशियारपुर, जालंधर, मोगा, फिरोजपुर और मानसा जैसे जिलों में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मानसा प्रशासन ने आरोपी अश्विनी के घर और मेडिकल स्टोर पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उसे गिरा दिया। हालांकि, स्टोर गिराए जाने के बाद गुस्साई भीड़ ने वहां तोड़फोड़ कर आग भी लगा दी।
किसान संगठनों का समर्थन और सरकार पर निशाना
Parminder Jhota Murder:अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। किसान संगठनों ने राज्य सरकार पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया है। इस घटना ने आगामी चुनावों से ठीक पहले पंजाब की राजनीतिक सरगर्मी को और अधिक बढ़ा दिया है।

