रिपोर्टर: विजय गुप्ता
Datia : मध्य प्रदेश के दतिया जिले में कृषि संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई है। स्थानीय विधायक घनश्याम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग राजघाट और सिंध नहर परियोजना से पानी छोड़े जाने की रखी गई है। नेताओं ने अवगत कराया कि वर्तमान समय में धान की फसलों की अंतिम सिंचाई और आने वाली रबी फसलों की बोनी के लिए किसानों को पानी की बेहद आवश्यकता है, जिससे समय पर नहरों में जल प्रवाह शुरू होना आवश्यक है।
किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का प्रशासनिक हस्तक्षेप
Datia ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि समय पर राजघाट और सिंध नहर से पानी नहीं छोड़ा गया, तो किसानों की मेहनत पर असर पड़ सकता है और आगामी रबी की बुवाई में देरी होगी। क्षेत्रीय विधायक घनश्याम सिंह ने प्रशासन से आग्रह किया कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सिंचाई विभाग को तुरंत आदेश जारी किए जाएं, ताकि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके और किसानों को अपनी फसलों को सींचने में किसी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।
नवरात्रि पर्व पर दतिया शहर की नागरिक सुविधाओं में सुधार की अपील
Datia सिंचाई के मुद्दों के साथ-साथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दतिया शहर की मूलभूत नागरिक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए शहर की चरमराती व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन में विशेष रूप से दतिया नगर की कई सड़कों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल सही कराने, शहर भर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने की मांग की गई, ताकि नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति
Datia कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में जिले के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। विधायक घनश्याम सिंह के साथ मुख्य रूप से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक दांगी तथा संगठन महासचिव नरेंद्र गुर्जर सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में जिला प्रशासन से ज्ञापन में उल्लेखित मांगों पर अतिशीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने और जनहित में त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
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