रिपोर्टर: रविन्द्र सिंंह
Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में साइबर सेल और पुलिस टीम ने सट्टेबाजी और ऑनलाइन ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बैंक खाते किराए या बिक्री पर उपलब्ध कराने वाले 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने साइबर फ्रॉड और सट्टेबाजी के अवैध पैसों के लेन-देन के लिए महज 5-5 हजार रुपये में अपने बैंक खाते गिरोह के सरगना को सौंपे थे।
गिरवाई के ऑनलाइन गेमिंग सेंटर से खुला फर्जीवाड़े का राज
Gwalior इस पूरे नेटवर्क की शुरुआत गिरवाई स्थित सांवरिया धाम फेस-1 में हुई पुलिस कार्रवाई से हुई। गुरुवार रात पुलिस ने नरेंद्र सिंह के मकान पर दबिश देकर एक अवैध ऑनलाइन गेमिंग सेंटर का पर्दाफाश किया था। मौके से 4 युवकों को हिरासत में लेकर जब पुलिस ने गहनता से पड़ताल की, तो गेमिंग ऐप की आड़ में चल रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर फ्रॉड और सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
सरगना के कबूलनामे के बाद साइबर सेल की कार्रवाई
Gwalior ऑनलाइन गेमिंग सेंटर के मास्टरमाइंड उदयसिंह चौहान को पुलिस ने दो दिन पहले गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ में उदयसिंह ने स्वीकार किया कि सट्टेबाजी में दांव लगाने वालों और साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों से पैसे मंगाने के लिए उसने कई लोगों से फर्जी और म्यूल (Mule) बैंक खाते खरीदे थे। इसी सूचना के आधार पर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाते बेचने वाले छह अन्य आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
Gwalior पुलिस की गिरफ्त में आए छह आरोपियों में शैलेंद्र शर्मा उर्फ शैलू, नैतिक ओझा, महेंद्र राजपूत उर्फ आरव, अभिषेक उर्फ अभय भदौरिया, अभिषेक तोमर उर्फ पीयूष और रोहित तिवारी शामिल हैं। इन सभी पर अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए खाते उपलब्ध कराने का आरोप है।
बैंक खातों में करोड़ों के लेन-देन की जांच जारी
Gwalior साइबर सेल अब इन सभी बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें कुल कितनी राशि का डिजिटल लेन-देन हुआ है और ठगी की रकम को किन-किन अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क की तारें कई अन्य बड़े साइबर अपराधियों से जुड़ी हो सकती हैं और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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