Shipra River Pollution:मध्य प्रदेश में धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाने वाली शिप्रा नदी इन दिनों घाटों पर फैली गंदगी को लेकर चर्चा में है। देवास से करीब 12 किलोमीटर दूर इंदौर रोड के पास स्थित शिप्रा नदी के घाटों का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जगह-जगह कचरा और गंदगी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि दुर्गंध इतनी अधिक है कि घाट पर कुछ मिनट रुकना भी मुश्किल हो गया है।
घाटों पर कचरे और गंदे पानी की समस्या
Shipra River Pollution:शिप्रा नदी को धार्मिक रूप से बेहद पवित्र माना जाता है। अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने और नदी में स्नान व तर्पण करने की उम्मीद है। ऐसे समय में घाटों की मौजूदा स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
घाटों के आसपास कचरा जमा होने के साथ नदी के पानी में भी गंदगी नजर आने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि कुछ स्थानों पर नालों का गंदा पानी नदी में पहुंच रहा है। इससे न केवल नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास का वातावरण भी दुर्गंध से प्रभावित है।
श्रद्धालुओं ने उठाए सफाई व्यवस्था पर सवाल
Shipra River Pollution:पूजा और तर्पण के लिए घाटों पर पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि जिस नदी को धार्मिक आस्था में पवित्र स्थान हासिल है, उसकी ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। लोगों ने प्रशासन से घाटों की नियमित सफाई कराने और नदी में गंदा पानी जाने से रोकने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि त्योहारों से पहले केवल औपचारिक सफाई अभियान चलाया जाता है, तो कुछ ही समय बाद घाटों पर फिर से कचरा क्यों नजर आने लगता है। उनका कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
शिप्रा के पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल
Shipra River Pollution:शिप्रा नदी के प्रदूषण को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। उज्जैन के कुछ घाटों पर पानी की गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट सामने आने के बाद नदी में मिलने वाले गंदे नालों के पानी पर भी सवाल उठे हैं। कई स्थानों पर नदी के पानी में प्रदूषण और बैक्टीरियल संक्रमण की समस्या सामने आने की बात कही गई है।
ऐसे में अमावस्या से पहले नदी और घाटों की सफाई को लेकर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले साफ-सफाई और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी माना जा रहा है।
त्योहारों से पहले सफाई अभियान की तैयारी
Shipra River Pollution:शिप्रा पंचायत के सचिव के मुताबिक, गणेश उत्सव के बाद नदी और आसपास के क्षेत्र में सफाई कराई गई थी। उन्होंने आने वाले त्योहारों को देखते हुए दोबारा सफाई अभियान चलाने की बात कही है।
हालांकि, सामने आए वीडियो और घाटों की मौजूदा तस्वीरों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि केवल त्योहारों से पहले सफाई करने के बजाय पूरे साल नियमित निगरानी और सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थायी समाधान की जरूरत
Shipra River Pollution:शिप्रा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए केवल घाटों से कचरा हटाना पर्याप्त नहीं होगा। नदी में गिरने वाले नालों के पानी को रोकना, नियमित रूप से सफाई और गाद निकालने की व्यवस्था करना तथा घाटों पर कचरा प्रबंधन को मजबूत करना जरूरी है।
अमावस्या के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि उन्हें साफ घाट और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए। शिप्रा की धार्मिक महत्ता को देखते हुए नदी की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर स्थायी कदम उठाने की जरूरत है।

