रिपोर्टर: अनुराग शुक्ला
Indore : मध्य प्रदेश के इंदौर में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर महिला सुरक्षा, स्वतंत्रता और उनके अधिकारों को लेकर एक अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के रीगल चौराहा स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस ‘न्यायाग्रह’ में युवतियों ने खुद को सांकेतिक रूप से लोहे की जंजीरों में बांधकर विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को भयमुक्त माहौल देने और सुरक्षा के बहाने उनकी स्वतंत्रता पर लगाई जाने वाली पाबंदियों का पुरजोर विरोध करना था।
जंजीरों में जकड़कर महिलाओं की आजादी के लिए उठाई आवाज
Indore प्रदर्शन के दौरान बेटियों ने अपने शरीरों को जंजीरों से बांधकर समाज और प्रशासन का ध्यान महिलाओं की वर्तमान स्थिति की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि सुरक्षा का हवाला देकर महिलाओं की आवाजाही, पहनावे या उनकी निजी स्वायत्तता पर रोक लगाना किसी समस्या का हल नहीं है। इसके बजाय समाज की मानसिकता बदलने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
सुरक्षा के नाम पर बंदिशों के बजाय अपराध नियंत्रण की मांग
Indore कार्यक्रम में शामिल प्रकाम्या परमार सहित अन्य युवतियों ने कहा कि अपराधों को रोकने का तरीका बेटियों की आजादी छीनना नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा के नाम पर महिलाओं पर पाबंदियां क्यों थोपी जाती हैं? बेटियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए जहां वे बिना किसी भय के शिक्षा ग्रहण कर सकें, अपने करियर में आगे बढ़ सकें और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
‘सत्याग्रह’ की तर्ज पर ‘न्यायाग्रह’ के जरिए दिया बराबरी का संदेश
Indore गांधी जी के सत्याग्रह के सिद्धांतों से प्रेरित होकर इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को ‘न्यायाग्रह’ नाम दिया गया। इस आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए ठोस नीतियां बनाई जानी चाहिए, न कि पीड़ित या संभावित पीड़ितों की स्वतंत्रता को सीमित किया जाना चाहिए। बेटियों ने सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित बनाने और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

