रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : स्थित प्रतिष्ठित सेंट एंथोनी विद्यालय में महान शिक्षाविद, समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण के अग्रदूत पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की 206वीं जयंती पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित विद्यासागर के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन-दर्शन, त्याग और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
विद्यासागर जी का जीवन सेवा, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण: डॉ. दुर्गा दास भंडारी
Jamtara कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्ञान-विज्ञान समिति के सचिव एवं विद्यालय के मुख्य संरक्षक डॉ. दुर्गा दास भंडारी ने कहा कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जीवन आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर समाज को शिक्षित व सशक्त बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और स्त्री शिक्षा में ऐतिहासिक योगदान
Jamtara विद्यालय के निदेशक डॉ. चंचल भंडारी ने पंडित विद्यासागर को दूरदर्शी समाज सुधारक बताते हुए कहा कि विधवा पुनर्विवाह अधिनियम और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उनके प्रयास भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्रीय चेतना का विकास होता है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति
Jamtara समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में राजा अजीत सिंह, शिवनाथ घोष, नवारन मलिक तथा चंचल राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में विजन-ई की सचिव अपर्णा भंडारी, उप-प्राचार्य उत्पल मंडल, रिंकू घोष, दीनबंधु सिंह, संजय कुमार माहतो, सुजीत साहा, रतना पाल, विशाल साव, पायल मंडल, अनीश रंजन और रोहित ओझा सहित समस्त विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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