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By: Ravindra Singh

MP Weather : सितंबर के अंतिम सप्ताह में मानसून की विदाई से ठीक पहले प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। एक नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में आगामी 48 घंटों के लिए भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। एहतियात के तौर पर सतना और मैहर जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, सतना-मैहर में शैक्षणिक संस्थान बंद

MP Weather मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडोरी सहित 18 जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतना में कक्षा 8वीं तक और मैहर में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है।

48 घंटे बेहद संवेदनशील, नदी-नालों से दूर रहने की एडवाइजरी

MP Weather मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है, जिससे बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। मौसम विभाग ने निचले इलाकों, उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों के पास न जाने की सख्त सलाह दी है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और विदिशा जैसे पश्चिमी जिलों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

30 सितंबर के बाद मानसून की विदाई संभव, अब तक 6% कम बरसा पानी

MP Weather प्रदेश में सामान्यतः 1 जून से 30 सितंबर तक मानसून की अवधि मानी जाती है। राज्य में अब तक औसतन 880.5 मिमी (लगभग 34.7 इंच) वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा 937.9 मिमी (36.9 इंच) से करीब 6 प्रतिशत कम है। पूर्वी इलाकों में हालिया बारिश से जल स्तर में सुधार हुआ है, लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का कोटा 8 से 50 फीसदी तक कम बना हुआ है। राजस्थान से मानसून की वापसी के साथ ही 30 सितंबर के बाद मध्य प्रदेश से भी इसकी विदाई शुरू होने के आसार हैं।

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