Cooking OilCooking Oil
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By: Ravindra Singh

Cooking Oil : हमारी डाइट में तेल की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसका प्रकार भी काफी मायने रखता है। खाना बनाने में रोज इस्तेमाल होने वाले तेल का चुनाव गलत होने पर लंबे समय में सेहत पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर रिफाइंड तेल और वनस्पति घी को लेकर विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ तेलों की प्रोसेसिंग और उनमें मौजूद फैटी एसिड की संरचना पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं किन तेलों का इस्तेमाल सीमित या सावधानी से करना चाहिए और इनके विकल्प क्या हो सकते हैं।

किन तेलों का इस्तेमाल करने से बचें?

रिफाइंड ऑयल

Cooking Oil सनफ्लॉवर, सोयाबीन, राइस ब्रान और कैनोला जैसे रिफाइंड तेलों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। किसी तेल को केवल पैकेजिंग पर दिए गए हेल्थ दावों के आधार पर चुनना उचित नहीं है। तेल का असर उसकी प्रोसेसिंग, फैटी एसिड प्रोफाइल और सेवन की मात्रा जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

रिफाइनिंग के दौरान तेल को कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। अधिक तापमान और प्रोसेसिंग से तेल के कुछ प्राकृतिक घटकों में बदलाव हो सकता है। इसलिए खाना बनाने के लिए तेल खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और पोषण संबंधी जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।

वनस्पति घी या डालडा से क्यों बरतें सावधानी?

Cooking Oil वनस्पति घी यानी हाइड्रोजेनेटेड फैट में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। ट्रांस फैट का अधिक सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी ट्रांस फैट का सेवन कम से कम रखने की सलाह देता है।

इसलिए रोजाना खाना पकाने के लिए ऐसे फैट का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है जिसमें ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो।

खाना बनाने के लिए कौन सा तेल चुनें?

Cooking Oil विशेषज्ञ खाना पकाने के लिए देसी घी और कच्ची घानी सरसों के तेल जैसे विकल्पों का सुझाव देते हैं। हालांकि किसी भी तेल का चुनाव व्यक्ति की कुल डाइट, स्वास्थ्य स्थिति और सेवन की मात्रा के अनुसार किया जाना चाहिए।

तेल का इस्तेमाल कम मात्रा में करना और बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से बचना भी महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार के साथ सही मात्रा में वसा लेना स्वस्थ डाइट का हिस्सा हो सकता है।

तेल खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

Cooking Oil खाना पकाने का तेल खरीदते समय केवल ‘हेल्दी’ या ‘हार्ट फ्रेंडली’ जैसे दावों पर निर्भर न रहें। पैकेट पर दिए गए फैट, सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट की जानकारी जरूर देखें। साथ ही तेल का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें और डीप फ्राई किए हुए भोजन को सीमित रखें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तेल को अपनी डाइट से हटाने या शामिल करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लें। इंडिया टीवी इस लेख में किए गए चिकित्सकीय दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।

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