By: Ravindra Singh
Wisdom Tooth : अकल दाढ़ को मेडिकल भाषा में थर्ड मोलर कहा जाता है। यह मुंह के सबसे पीछे आने वाला दांत है और आमतौर पर 17 से 25 वर्ष की उम्र के बीच निकलता है। पहले के समय में कठोर भोजन चबाने में यह दांत मददगार माना जाता था, लेकिन आधुनिक खान-पान में बदलाव और जबड़े के आकार में कमी के कारण कई लोगों के लिए इसकी उपयोगिता सीमित हो गई है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को अकल दाढ़ निकलवानी ही चाहिए। अगर दांत सही दिशा में विकसित हुआ है, पर्याप्त जगह मौजूद है और उसे आसानी से साफ किया जा सकता है, तो उसे लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।
कब अकल दाढ़ को निकालने की जरूरत नहीं होती?
Wisdom Tooth अगर अकल दाढ़ पूरी तरह सीधी निकली है और उसके लिए जबड़े में पर्याप्त जगह है, तो आमतौर पर उसे हटाने की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा दांत में कैविटी न हो, मसूड़ों में संक्रमण या सूजन न हो और नियमित ब्रशिंग से उसकी सफाई आसानी से हो जाए, तो डॉक्टर उसे बनाए रखने की सलाह दे सकते हैं।
ऐसी स्थिति में नियमित डेंटल चेकअप के जरिए दांत की स्थिति पर नजर रखना पर्याप्त हो सकता है।
किन परिस्थितियों में अकल दाढ़ परेशानी पैदा करती है?
Wisdom Tooth जबड़े में जगह कम होने पर अकल दाढ़ पूरी तरह बाहर नहीं आ पाती। कई बार यह टेढ़ी दिशा में निकलती है या मसूड़े और हड्डी के भीतर फंसी रह जाती है। इसे इम्पैक्टेड विजडम टूथ कहा जाता है।
ऐसी स्थिति में दांत के आसपास भोजन और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जिससे मसूड़ों में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा बार-बार संक्रमण, मुंह खोलने में परेशानी, मुंह से दुर्गंध और दांतों में सड़न जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
कब अकल दाढ़ निकलवाना बेहतर हो सकता है?
Wisdom Tooth यदि अकल दाढ़ में बार-बार दर्द या संक्रमण हो रहा है, गंभीर कैविटी हो गई है, वह आसपास के दांत को नुकसान पहुंचा रही है या उसके कारण लगातार मसूड़ों की समस्या बनी रहती है, तो डेंटिस्ट उसे निकालने की सलाह दे सकते हैं।
कुछ मामलों में दांत की स्थिति ऐसी होती है कि भविष्य में परेशानी होने की संभावना अधिक रहती है। हालांकि, केवल संभावित भविष्य की समस्या के डर से हर अकल दाढ़ को निकाल देना जरूरी नहीं माना जाता।
डेंटल जांच क्यों है जरूरी?
Wisdom Tooth अकल दाढ़ को लेकर अंतिम निर्णय दांत और जबड़े की वास्तविक स्थिति देखकर ही किया जाना चाहिए। डेंटिस्ट जांच के साथ जरूरत पड़ने पर OPG एक्स-रे की मदद से यह पता लगा सकते हैं कि दांत किस दिशा में बढ़ रहा है और आसपास के दांतों या हड्डी पर उसका क्या प्रभाव है।
इसलिए अगर अकल दाढ़ में दर्द, सूजन या संक्रमण की समस्या बार-बार हो रही है, तो खुद से फैसला लेने के बजाय डेंटिस्ट से जांच करवाना बेहतर है। जिन लोगों की अकल दाढ़ में फिलहाल कोई परेशानी नहीं है, उन्हें भी नियमित डेंटल चेकअप के दौरान इसकी स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए।

