रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : सहरसा सदर अस्पताल में खबर कवरेज के दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ डॉक्टर और उनके सहयोगियों द्वारा की गई कथित मारपीट और अभद्रता को लेकर पड़ोसी जिले सुपौल के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्थानीय पत्रकारों ने बिहार के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सुपौल जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा है। पत्रकारों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

डॉक्टर और प्रबंधक की भूमिका की जांच और स्थानांतरण की मांग
Supaul ज्ञापन में मुख्य रूप से आरोप लगाया गया है कि इस कथित मारपीट और दुर्व्यवहार में डॉ. एसके आजाद और उनके सहयोगियों की भूमिका रही है। निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए पत्रकारों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक आरोपी चिकित्सक को सहरसा सदर अस्पताल से स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही, अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। ज्ञापन में अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी की भूमिका की भी जांच करने का आग्रह किया गया है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और निर्बाध कवरेज की अपील
Supaul पत्रकार संघों ने सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि कवरेज के दौरान संवाददाताओं को अक्सर विपरीत और संवेदनशील स्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में बिना किसी डर या दबाव के समाचार संकलन के लिए माहौल और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।
निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर जताई उम्मीद
Supaul ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के कई वरिष्ठ और युवा पत्रकार जिनमें तपेश्वर मिश्र, विनय कुमार मिश्रा, सुमन कुमार सिंह, पीयूष, कुणाल कुमार, बाबुल कुमार, अख्तरुल, अजीत ठाकुर, प्रमोद मंडल, विकास कुमार, नवीन कुमार, कुंदन कुमार और जय नंदन चौधरी शामिल थे, मौजूद रहे। सभी पत्रकारों ने एक स्वर में सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच का आश्वासन मांगा है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी और राज्य भर में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस दिशानिर्देश जारी करेगी।
ये भी पढ़े: झारखंड भाजपा में मनीष दुबे का बढ़ा कद: मोर्चा से मुक्त कर प्रदेश स्तर पर मिली 12 विभागों की बड़ी जिम्मेदारी

