Vishwakarma PujaVishwakarma Puja
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By: Ravindra Singh

Vishwakarma Puja : हर साल कन्या संक्रांति के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर फैक्ट्रियों, दुकानों, कारखानों, वर्कशॉप और अन्य कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित करके विधि-विधान से पूजा की जाती है। तकनीक, निर्माण और शिल्प से जुड़े लोग विशेष रूप से इस दिन भगवान विश्वकर्मा का स्मरण करते हैं।

पूजा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। भगवान विश्वकर्मा की महिमा का गुणगान करने वाले भजन इस पर्व का खास हिस्सा माने जाते हैं। श्रद्धालु पूजा के साथ इन भजनों का गायन और श्रवण करते हैं।

विश्वकर्मा पूजा 2026 के शुभ मुहूर्त

Vishwakarma Puja इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा के लिए तीन प्रमुख शुभ समय बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 7:58 बजे से 10:43 बजे तक, दूसरा दोपहर 12:15 बजे से 1:48 बजे तक और तीसरा शाम 4:52 बजे से 6:24 बजे तक रहेगा।

इनमें से किसी शुभ समय में श्रद्धापूर्वक भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जा सकती है।

विश्वकर्मा पूजा के लोकप्रिय भजन

Vishwakarma Puja विश्वकर्मा पूजा के दिन भगवान की स्तुति और महिमा का बखान करने वाले कई भजन गाए जाते हैं। इनमें भगवान विश्वकर्मा की अद्भुत कला, उनके दिव्य निर्माण कार्य और संसार को हुनर प्रदान करने वाली शक्ति का वर्णन मिलता है।

कुछ लोकप्रिय भजनों के नाम इस प्रकार हैं:

  • विश्वकर्मा भगवान की माया अपरंपार
  • जय बोलो विश्वकर्मा भगवान की
  • जय हो जय हो विश्वकर्मा भगवान
  • हो थाकी मूरत प्यारी घणी लागे
  • अगर विश्व में विश्वकर्मा ना होते

इन भजनों में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के शिल्पकार और कला-कौशल के प्रतीक के रूप में नमन किया जाता है।

भगवान विश्वकर्मा को क्यों माना जाता है शिल्प और तकनीक का देवता?

Vishwakarma Puja सनातन परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को दिव्य वास्तुकार और शिल्पकार के रूप में प्रतिष्ठित माना गया है। धार्मिक कथाओं में उनके द्वारा स्वर्गलोक, इंद्रपुरी, द्वारका और लंका जैसी भव्य रचनाओं के निर्माण का उल्लेख मिलता है। इसी वजह से उन्हें निर्माण, वास्तुकला, शिल्प और तकनीकी कौशल से जुड़े लोगों का आराध्य माना जाता है।

विश्वकर्मा पूजा के दिन कारीगर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, मशीन ऑपरेटर, व्यापारी और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने काम में सफलता और उन्नति के लिए भगवान की आराधना करते हैं।

विश्वकर्मा पूजा में किन चीजों की पूजा करें?

Vishwakarma Puja विश्वकर्मा पूजा केवल भगवान की प्रतिमा तक सीमित नहीं होती। इस दिन काम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और मशीनों की भी साफ-सफाई करके पूजा की जाती है।

पूजा में मुख्य रूप से इन चीजों को शामिल किया जा सकता है:

  • मशीन और मशीनरी
  • औजार एवं उपकरण
  • निर्माण सामग्री
  • दुकान और कार्यस्थल
  • कारखाने और वर्कशॉप की मशीनें
  • कंप्यूटर और तकनीकी उपकरण
  • वाहन
  • कामकाज में इस्तेमाल होने वाले अन्य जरूरी साधन

विश्वकर्मा पूजा का महत्व

Vishwakarma Puja मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कार्यक्षेत्र में सफलता, सुरक्षा और समृद्धि की कामना पूरी होती है। इस दिन लोग अपने व्यवसाय और कार्यस्थल की उन्नति के साथ मशीनों और उपकरणों के सुचारु संचालन की प्रार्थना करते हैं।

धार्मिक आस्था के अनुसार भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद शिल्प, निर्माण और तकनीकी कार्यों में दक्षता तथा प्रगति के लिए शुभ माना जाता है।

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