By: Ravindra Singh
Fatty Liver : आजकल खराब खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि और लंबे समय तक बैठे रहने जैसी आदतों के कारण फैटी लिवर की समस्या आम होती जा रही है। इस स्थिति में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। शुरुआत में जीवनशैली और खान-पान में सुधार करके स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे फैटी लिवर का इलाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर लिवर से जुड़ी समस्या है या रिपोर्ट में फैटी लिवर सामने आया है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। आयुर्वेदिक परंपरा में कुछ खाद्य पदार्थों और घरेलू चीजों को लिवर की सेहत के लिए उपयोगी माना जाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।
आंवला को डाइट में करें शामिल
Fatty Liver आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर फल है। आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। इसे ताजे फल के रूप में या चूर्ण के तौर पर भोजन में शामिल किया जाता है।
हालांकि, आंवला चूर्ण की मात्रा और सेवन की अवधि व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नियमित सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
छाछ पीना हो सकता है फायदेमंद
Fatty Liver गर्मियों में छाछ एक हल्का और पौष्टिक पेय माना जाता है। इसे दोपहर के भोजन के साथ लिया जा सकता है। स्वाद के लिए इसमें थोड़ी मात्रा में जीरा, काली मिर्च या अन्य मसाले मिलाए जा सकते हैं।
फैटी लिवर में सबसे महत्वपूर्ण बात संतुलित डाइट रखना है। इसलिए छाछ का सेवन करते समय उसमें अतिरिक्त नमक और मसालों की मात्रा का भी ध्यान रखें।
ग्रीन टी का कर सकते हैं सेवन
Fatty Liver ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में इसके संभावित स्वास्थ्य लाभों पर चर्चा की गई है। फैटी लिवर वाले लोग इसे बिना अतिरिक्त चीनी के अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
हालांकि, ग्रीन टी फैटी लिवर की दवा नहीं है। इसका सेवन संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ ही किया जाना चाहिए।
करेले को भोजन में शामिल करें
Fatty Liver करेला कई पोषक तत्वों से युक्त सब्जी है और इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। कुछ लोग फैटी लिवर के लिए करेले के जूस का भी सेवन करते हैं।
लेकिन करेले का जूस लिवर में जमा फैट को निश्चित रूप से खत्म करता है, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता। खासकर अगर आपको कोई दूसरी बीमारी है या आप दवाएं लेते हैं, तो नियमित रूप से करेले का जूस पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
हल्दी का इस्तेमाल
Fatty Liver हल्दी भारतीय रसोई का एक आम मसाला है। इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिस पर इसके सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों को लेकर शोध हुआ है।
भोजन में सामान्य मात्रा में हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन फैटी लिवर के इलाज के लिए हल्दी या करक्यूमिन सप्लीमेंट की अधिक मात्रा लेना उचित नहीं है। किसी भी सप्लीमेंट का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
फैटी लिवर में लाइफस्टाइल भी है अहम
Fatty Liver फैटी लिवर को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
शराब का सेवन करने वाले लोगों को इससे बचना चाहिए। साथ ही बहुत अधिक तला-भुना खाना, मीठे पेय और अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना फायदेमंद हो सकता है।
डॉक्टर से कब लें सलाह?
Fatty Liver अगर आपको लगातार थकान, पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता, त्वचा या आंखों में पीलापन जैसे लक्षण दिखाई दें या जांच में लिवर से जुड़ी समस्या सामने आए, तो चिकित्सकीय सलाह लें। फैटी लिवर की गंभीरता जानने और सही उपचार तय करने के लिए डॉक्टर आवश्यक जांच की सलाह दे सकते हैं।
Disclaimer: इस लेख में बताए गए घरेलू उपाय सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए हैं। ये फैटी लिवर का चिकित्सकीय उपचार नहीं हैं। अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने, किसी आयुर्वेदिक उपाय या सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
ये भी पढ़े: ऋषि पंचमी 2026: महिलाओं के लिए क्यों खास है यह व्रत? जानें पूजा विधि और धार्मिक महत्व

