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रिपोर्टर:रविन्द्र सिंह

Gwalior : ग्वालियर में नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक चौधरी ने सोमवार को स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एजी ऑफिस पुल के पास स्थित निगम वर्कशॉप का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कचरा उठाने वाली गाड़ियों की ट्रैकिंग, ट्रैफिक चालान से होने वाली आय और वाहनों की मरम्मत जैसी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

Gwalior जीपीएस ट्रैकिंग और राजस्व वसूली की समीक्षा

स्मार्ट सिटी कमांड सेंटर के अवलोकन के दौरान निगमायुक्त ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लगे वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग प्रक्रिया को समझा। उन्होंने इस ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक असरदार बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले ई-चालान और उससे जमा होने वाले राजस्व की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालान राशि को समय पर निगम कोष में जमा कराने की नियमित निगरानी की जाए।

Gwalior बंद पड़ी गाड़ियों की मरम्मत में देरी पर जताई नाराजगी

वर्कशॉप और डिपो के निरीक्षण के समय अधिकारियों ने बताया कि कचरा उठाने वाले करीब 15 वाहन काफी समय से खराब पड़े हैं। इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निगमायुक्त ने संबंधित वेंडर से तालमेल बनाकर सभी गाड़ियों को तुरंत ठीक कराने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मत के लिए आने वाली किसी भी गाड़ी को बेवजह वर्कशॉप में रोककर न रखा जाए।

Gwalior हैंडकार्ट वितरण और व्यवस्था सुधार के निर्देश

सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खरीदे गए हैंडकार्ट के संबंध में जानकारी लेते हुए निगमायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों की मांग के अनुसार इन्हें तुरंत जारी किया जाए। जिन क्षेत्रों से मांग आई है, वहां बिना किसी देरी के हैंडकार्ट पहुंचाना सुनिश्चित करें।

इस निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त श्री टी. प्रतीक राव, कार्यपालन यंत्री श्री शैलेन्द्र सक्सेना और श्री पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव समेत निगम के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

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