रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : समाहरणालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को छापामार कार्रवाई करते हुए एक लिपिक को रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा। निम्नवर्गीय लिपिक कुणाल कुमार को ट्रैक्टर के मालिकाना हक के हस्तांतरण के नाम पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में अफरा-तफरी मच गई।
ट्रैक्टर ट्रांसफर के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
Sheikhpura मामले की जानकारी देते हुए छापेमारी दल का नेतृत्व कर रहे निगरानी ब्यूरो के डीएसपी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अरियरी थाना क्षेत्र के डीहा निवासी राजू प्रसाद से आरोपी लिपिक द्वारा वाहन नाम पर चढ़ाने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। पीड़ित की शिकायत के बाद ब्यूरो ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह सही साबित हुई।
जाल बिछाकर 500 रुपये के 30 नोटों के साथ दबोचा
Sheikhpura शिकायत की पुष्टि होने पर निगरानी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कलेक्ट्रेट परिसर में जैसे ही पीड़ित ने लिपिक कुणाल कुमार को रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से सतर्क निगरानी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी के पास से 500-500 रुपये के कुल 30 नोट (15,000 रुपये) बरामद किए गए।
आगे की पूछताछ के लिए पटना ले गई निगरानी टीम
Sheikhpura गिरफ्तारी और नकदी की बरामदगी के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी लिपिक को अपने साथ पटना ले गई। वहां विशेष न्यायालय में पेशी से पूर्व आरोपी से आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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