रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Raisen : मध्य प्रदेश की रायसेन जिला जेल में एक कैदी द्वारा की गई गोलीबारी की घटना के बाद सनसनी फैल गई है। हत्या के मामले में निरुद्ध आरोपी नीलेश जेल से फरार होने की फिराक में था और इसी मंशा से उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में इस घटना से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि यह केवल एक तात्कालिक हमला नहीं बल्कि पूरी तरह से पूर्व-नियोजित साजिश थी।
जिला बदर अपराधी की मदद से जेल में पहुँचाया गया अवैध कट्टा
Raisen जांच रिपोर्ट के अनुसार, जेल में बंद हत्या के आरोपी नीलेश ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर भागने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची। इस काम के लिए उसने जेल में ही बंद राहुल बेदी के साथ मिलकर योजना बनाई। राहुल बेदी ने बाहर मौजूद अपने साथी शुभम बेदी से संपर्क साधा। इसके बाद, जिला बदर आरोपी की सहायता से एक अवैध कट्टा (देसी तमंचा) जेल के अंदर मंगवाया गया।
जेल बाउंड्री के ऊपर से फेंककर कट्टा पहुँचाने की थी पूरी योजना
Raisen आरोपियों ने सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने के लिए कट्टा पहुँचाने की एक सटीक योजना बनाई थी। योजना के तहत कट्टे को जेल परिसर की बाउंड्री वॉल के ऊपर से अंदर फेंका गया था, जिसे नीलेश ने सही समय पर हासिल कर लिया। हथियार मिलते ही नीलेश ने जेल से भागने का प्रयास किया और ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह पर जानलेवा फायर कर दिया, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की मामले की गहन जांच
Raisen घटना के बाद जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और स्थिति पर काबू पाया। जेल में सुरक्षा चूक के इस गंभीर मामले को लेकर अधिकारियों ने गहन जांच शुरू कर दी है। षड्यंत्र में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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