उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या के दौरे पर हैं, जहां उनका रामलला के दर्शन करने और कई कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम है। खास बात यह है कि इस दौरे के दौरान उनकी मुलाकात राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जितेंद्र मिश्रा से होगी, जो आज सुबह ही ट्रेन से अयोध्या पहुंचे हैं।
2 सितंबर को हुआ था पहले सीईओ के रूप में चयन
बता दें कि बीते 2 सितंबर को ही जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी थी कि वह राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में कार्यभार संभालेंगे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को ही भारतीय वायु सेना से रिटायर हुए हैं। वह वायुसेना में एयर मार्शल के पद पर रह चुके हैं और उन्होंने कारगिल युद्ध के साथ-साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। पश्चिमी वायु कमान के चीफ रह चुके मिश्रा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से भी सम्मानित किया जा चुका है।
दान में चोरी के मामलों के बाद ट्रस्ट में बड़ा बदलाव
राम मंदिर के दान में गड़बड़ी और चोरी का मामला सामने आने के बाद देश-दुनिया में इसकी काफी चर्चा हुई थी। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को उनके पदों से हटा दिया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद प्रशासन और ट्रस्ट ने पारदर्शिता और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति का ऐतिहासिक फैसला लिया था।
तीन नए ट्रस्टियों की भी हुई है नियुक्ति
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की घोषणा के साथ-साथ तीन नए ट्रस्टियों के नामों का भी ऐलान किया गया था। इनमें दिल्ली के रहने वाले महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को शामिल किया गया है, जिन्हें नया ट्रस्टी बनाया गया है।
“यह भगवान राम का आशीर्वाद है”: जितेंद्र मिश्रा
अपनी नियुक्ति के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जितेंद्र मिश्रा ने कहा था कि वह इसे अपना बड़ा सौभाग्य मानते हैं कि इतने सारे योग्य उम्मीदवारों में से उन्हें इस सेवा के लिए चुना गया। उन्होंने कहा था कि वायु सेना में देश की 43 वर्षों तक सेवा करने के बाद, भगवान राम ने उन्हें अपने दरबार और राम भक्तों की सेवा करने का जो यह पावन अवसर दिया है, वह इसे उनका विशेष आशीर्वाद मानते हैं।
