Spread the love

कर्नाटक के दावणगेरे जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां नेशनल हाईवे-48 पर एक वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए तेंदुए ने बचाव कार्य के दौरान वन विभाग की टीम पर ही हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में एक वनकर्मी घायल हो गया है, जबकि कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को काबू में कर लिया गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

एनएच-48 पर गाड़ी की टक्कर से घायल हुआ था तेंदुआ

यह पूरी घटना दावणगेरे के अनागोडा के पास नेशनल हाईवे-48 की है, जहां एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (ACF) आनंद बी. को इसकी सूचना दी। अधिकारियों ने पाया कि तेंदुआ जिंदा तो था, लेकिन उसकी बाईं आंख और कूल्हे पर गंभीर चोटें थीं, जिसके कारण वह ठीक से हिल-डुल भी नहीं पा रहा था।

बेहोश करने की प्रक्रिया के दौरान भड़का तेंदुआ, कर्मचारी घायल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हम्पी जू के डीसीएफ से मदद मांगी गई, जिसके बाद ट्रैंक्विलाइजर गन के साथ एक एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर को मौके पर भेजा गया। सुरक्षा की दृष्टि से वहां 20 से अधिक वनकर्मियों को तैनात किया गया था और हाइवे पर ट्रैफिक भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। बचाव दल जब तेंदुए को बेहोश करने की प्रक्रिया में था, तभी अचानक वह थोड़ा होश में आ गया और आक्रामक होकर वनकर्मियों पर टूट पड़ा। इस हमले में एक कर्मचारी घायल हो गया, लेकिन आसपास मौजूद भीड़ और शोर-शराबे के कारण तेंदुआ जल्द ही दोबारा शांत हो गया।

अस्पताल में भर्ती हैं घायल कर्मचारी, तेंदुए को भी भेजा गया मेडिकल केयर

घटना के बाद घायल वनकर्मी और तेंदुए दोनों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, घायल कर्मचारी की हालत अब पूरी तरह स्थिर है और उसे 24 घंटे की मेडिकल निगरानी में रखा गया है। वहीं, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से तेंदुए को पिंजरे में बंद कर लिया है और उसे विशेष पशु चिकित्सालय भेज दिया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। स्वस्थ होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि उसे सुरक्षित रूप से वापस जंगल में कब छोड़ा जा सकता है।

महाराष्ट्र के अमरावती में भी सामने आया था वन्यजीव से जुड़ा मामला

इस घटना से कुछ समय पहले महाराष्ट्र के अमरावती जिले से भी एक ऐसी ही खबर आई थी, जहां तीन लोगों की जान लेने वाली एक आदमखोर बाघिन को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया था। हालांकि, जब उसे ट्रेंकुलाइज करने के बाद इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी, जिससे वन्यजीव अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया था।