देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत से लेकर पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक बारिश का दौर शुरू हो गया है।
उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 13 सितंबर तक, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मध्य भारत की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 से 11 सितंबर तथा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अनुमान है।
बिहार, ओडिशा और झारखंड में भी बरसेंगे बादल
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसिनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बिहार में आज भारी बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है, जो आने वाले कुछ दिनों तक छिटपुट हिस्सों में बनी रह सकती है। वहीं, ओडिशा में 8 से 12 सितंबर के बीच अलग-अलग चरणों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड में 12-13 सितंबर और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 11 से 13 सितंबर के दौरान भारी मानसूनी बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश में 8 से 13 सितंबर तक लगातार बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 7 से 13 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। असम और मेघालय में भी 8 सितंबर के बाद 12 और 13 सितंबर को तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
