By: Ravindra Singh
Gwalior : आबकारी विभाग ने मोहना स्थित महाकाल ढाबे के पास छापेमारी कर एक बड़े अवैध नेटवर्क का खुलासा किया है। दो कमरों के एक मकान से संचालित इस ठिकाने पर एक तरफ मिलावटी पेट्रोल तैयार किया जा रहा था, तो दूसरी तरफ अवैध शराब का निर्माण हो रहा था। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ, एथेनॉल और तैयार शराब बरामद की गई है।
भारी मात्रा में कच्चा माल और केमिकल बरामद
Gwalior आबकारी टीम ने मौके से 2600 लीटर ओपी (इथेनॉल), 63 बल्क लीटर अवैध शराब, 20 ड्रम पेट्रोल तथा 18 ड्रम थिनर जब्त किए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जब्त एथेनॉल से बाजार में लगभग 32 लाख रुपये मूल्य की शराब बनाई जा सकती थी। इस सामग्री का इस्तेमाल हाईवे पर वाहन चालकों को मिलावटी ईंधन बेचने और अवैध शराब की आपूर्ति के लिए किया जा रहा था।
तीन आरोपी गिरफ्तार, ऐसे चलता था नेटवर्क
Gwalior मामले में आबकारी विभाग ने तीन मुख्य आरोपियों—अनिल शर्मा, अरबाज खान और सौरभ गुर्जर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अनिल शर्मा महाकाल ढाबे का संचालन करता है, जबकि श्योपुर निवासी सौरभ गुर्जर टैंकरों के माध्यम से एथेनॉल और अन्य केमिकल मंगवाता था। वहीं अरबाज खान स्थानीय स्तर पर माल की सप्लाई और संपर्कों को संभालने का काम करता था।
सप्लाई चेन खंगालने में जुटा आबकारी विभाग
Gwalior आबकारी कंट्रोलर राजेश तिवारी के मार्गदर्शन में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जब्त ज्वलनशील पदार्थों को पुलिस के सुपुर्द किया गया है। विभाग अब इस बात की गहनता से जांच कर रहा है कि केमिकल और एथेनॉल की आपूर्ति करने वाले मुख्य सरगना कौन हैं और यह नेटवर्क कहां-कहां फैला हुआ था।
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