दुमका: झारखंड गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद जामा प्रखंड के पलासबनी गांव स्थित भालुसुगिया टोला के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं। करीब 15 घरों की आबादी वाले इस टोले तक पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर का कच्चा और जर्जर रास्ता ग्रामीणों के लिए वर्षों से परेशानी का कारण बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक गर्मी हो या बरसात, सड़क की स्थिति खराब होने के कारण आपात स्थिति में एंबुलेंस टोले तक नहीं पहुंच पाती। गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को खाट के सहारे करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद ही एंबुलेंस से अस्पताल जाने की सुविधा मिल पाती है।
कीचड़ और पगडंडी से आवाजाही मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के मौसम में रास्ते पर कीचड़ और पानी जमा हो जाता है। पगडंडी और खराब रास्ते के कारण साइकिल, मोटरसाइकिल समेत अन्य वाहनों से आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
सड़क की बदहाल स्थिति का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। टोले के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल जाने में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में रास्ता और अधिक खराब हो जाने से बच्चों की आवाजाही काफी कठिन हो जाती है।
20 साल पहले हुआ था मिट्टी-मोरम का काम
ग्रामीणों के अनुसार करीब दो दशक पहले इस रास्ते पर मिट्टी-मोरम का काम कराया गया था। उस दौरान रास्ते में पुल-पुलिया का निर्माण भी कराया गया था, लेकिन इसके बाद सड़क को पक्का करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों से वे सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
चुनाव के समय मिलते हैं आश्वासन
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि चुनाव के दौरान नेता और प्रत्याशी टोले तक पक्की सड़क पहुंचाने का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद ये वादे धरातल पर दिखाई नहीं देते।
लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से “सड़क नहीं तो वोट नहीं” का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों ने सरकार, प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि भालुसुगिया टोला तक करीब एक किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि
