By: Ravindra Singh
Rabies : रेबीज एक बेहद गंभीर वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंच सकता है। कुत्ते का काटना इसका सबसे आम कारण माना जाता है, लेकिन संक्रमित जानवर के खरोंचने या उसकी लार के घाव, आंख, नाक या मुंह की अंदरूनी सतह के संपर्क में आने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।
रेबीज की सबसे गंभीर बात यह है कि एक बार बीमारी के स्पष्ट लक्षण शुरू हो जाने के बाद यह लगभग हमेशा घातक होती है। इसलिए कुत्ते के काटने के बाद लक्षणों का इंतजार करने के बजाय तुरंत बचाव के उपाय शुरू करना बेहद जरूरी है।
क्या रेबीज पूरी तरह ठीक हो सकता है?
Rabies अगर संक्रमित जानवर के संपर्क के बाद समय रहते सही चिकित्सा उपाय किए जाएं, तो रेबीज से बचाव संभव है। लेकिन एक बार बीमारी के लक्षण विकसित हो जाने के बाद प्रभावी इलाज बेहद सीमित है और बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है।
यही कारण है कि कुत्ते या किसी संदिग्ध संक्रमित जानवर के काटने अथवा खरोंच को मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय पर पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस यानी PEP लेना जीवनरक्षक हो सकता है।
कुत्ता काटने के तुरंत बाद क्या करें?
Rabies कुत्ते के काटने या खरोंच लगने के बाद शुरुआती कदम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साबुन और बहते पानी से करीब 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए।
घाव को साफ करने के बाद बिना देरी किए डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। चिकित्सक चोट की गंभीरता और संपर्क की प्रकृति देखकर रेबीज वैक्सीन तथा जरूरत पड़ने पर रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन की सलाह दे सकते हैं।
सिर्फ काटने से ही नहीं फैलता रेबीज
Rabies रेबीज का संक्रमण केवल कुत्ते के काटने तक सीमित नहीं है। यदि संक्रमित जानवर की लार किसी खुले घाव या आंख, नाक अथवा मुंह जैसी श्लेष्मा झिल्ली के संपर्क में आती है, तो संक्रमण का खतरा हो सकता है।
इसलिए जानवर के काटने के साथ-साथ गंभीर खरोंच या संदिग्ध लार के संपर्क को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
घाव पर घरेलू चीजें लगाने से बचें
Rabies कई लोग कुत्ते के काटने के बाद घाव पर हल्दी, तेल, मिट्टी या अन्य घरेलू पदार्थ लगाने लगते हैं। ऐसा करना उचित नहीं है। इस तरह के घरेलू उपाय रेबीज वायरस से सुरक्षा नहीं देते और सही चिकित्सा लेने में देरी हो सकती है।
घाव को अच्छी तरह साफ करने के बाद जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना ही सुरक्षित तरीका है।
वैक्सीन लगा कुत्ता काटे तो क्या करें?
Rabies अगर कुत्ते को रेबीज का टीका लगा हुआ है, तब भी काटने या खरोंचने की घटना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुत्ते के टीकाकरण की स्थिति, उसके व्यवहार और घटना की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डॉक्टर आगे की प्रक्रिया तय कर सकते हैं।
इसलिए केवल यह मानकर कि कुत्ते को वैक्सीन लगी है, चिकित्सा सलाह लेने में देरी न करें।
रेबीज में लक्षणों का इंतजार क्यों खतरनाक है?
Rabies रेबीज में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लक्षण दिखाई देने के बाद बीमारी बेहद गंभीर हो जाती है। ऐसे समय पर बचाव के लिए मिलने वाला समय बहुत कम या प्रभावी उपचार के लिहाज से बेहद सीमित हो सकता है।
इसलिए कुत्ते के काटने के बाद बुखार, पानी से डर लगना या अन्य लक्षणों का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। बचाव का सही समय संक्रमण के संभावित संपर्क के तुरंत बाद होता है।
डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें
Rabies रेबीज से बचाव का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है कि संभावित जोखिम वाले संपर्क के बाद तुरंत घाव को साफ किया जाए और चिकित्सकीय सलाह ली जाए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन की आवश्यकता तय कर सकते हैं।
जरूरी सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। कुत्ते या किसी संदिग्ध संक्रमित जानवर के काटने/खरोंचने पर घरेलू उपचार के भरोसे न रहें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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