KhandwaKhandwa
Spread the love

रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Khandwa : हज़रत निज़ामुद्दीन से एर्नाकुलम (कोच्चि) जा रही मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस (12618) में शुक्रवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सफर कर रहे 15 से 20 स्कूली छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने ट्रेन के पेंट्रीकार का खाना खाया था, जिसके बाद उन्हें उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को लगभग एक घंटे तक रोककर बच्चों का तत्काल इलाज कराया गया।

रेलवे स्टेशन पर मुस्तैद हुई डॉक्टरों और अधिकारियों की टीम

Khandwa एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और रेलवे विभाग में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सीएसपी अभिनव वारंगे, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ खंडवा स्टेशन पहुंचे।

डॉक्टरों ने स्टेशन पर ही बच्चों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें जरूरी दवाइयां व प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।

प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका

Khandwa शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने दूषित भोजन के कारण फूड पॉइजनिंग होने की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि सभी प्रभावित छात्र एक मिशनरी स्कूल के समूह का हिस्सा थे।

हालाँकि, स्थिति नियंत्रण में होने के कारण बच्चों को अस्पताल शिफ्ट करने के बजाय प्राथमिक इलाज के बाद ट्रेन में ही डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया।

भुसावल तक डॉक्टरों की निगरानी में रवाना हुई ट्रेन

Khandwa प्राथमिक उपचार के बाद जब बच्चों की हालत में सुधार हुआ, तब ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर रेलवे की मेडिकल टीम और कर्मचारी बच्चों की निगरानी के लिए ट्रेन के साथ भुसावल तक गए।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है। रेलवे प्रशासन ने पेंट्रीकार के खाने के सैंपल लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

ये भी पढ़े: कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में सुरक्षा चूक: आतंकी आफताब अंसारी के सेल से तीन आईफोन और वाई-फाई राउटर बरामद