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रिपोर्टर: टुनटुन कुमार

Motihari : बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से सटे भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने जाली भारतीय मुद्रा (FICN) के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। लखौरा थाना पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 500-500 रुपये के जाली नोटों की खेप के साथ दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए कथित नकली नोटों का कुल मूल्य 88 हजार रुपये है। इस कार्रवाई के बाद सीमांत इलाकों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ चौकसी बढ़ा दी गई है।

गुप्त सूचना के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्र में छापेमारी

Motihari लखौरा थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह को इनपुट मिला था कि नेपाल सीमा से सटे इलाके में जाली नोटों की एक बड़ी खेप खपाने की योजना बनाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसएसबी के जवानों ने संयुक्त रणनीति बनाकर संदिग्ध स्थानों पर नाकाबंदी और घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें रोककर तलाशी ली गई, जिसके बाद 500 रुपये के फर्जी नोटों के बंडल बरामद हुए।

सप्लाई चेन और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी एजेंसियां

Motihari पुलिस दोनों हिरासत में लिए गए तस्करों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का प्राथमिक उद्देश्य इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना और सप्लाई चेन का खुलासा करना है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इन नकली नोटों की छपाई कहां हुई थी, सीमा पार से इन्हें लाने में किन-किन बिचौलियों की भूमिका रही और स्थानीय स्तर पर इन नोटों को कहां खपाने की योजना थी।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी और सुरक्षा

भारत-नेपाल सीमा पर जाली नोटों की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां बेहद संवेदनशील मान रही हैं। इस घटनाक्रम के बाद सीमा से सटे तमाम इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है तथा आने-जाने वाले संदिग्धों की गहन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

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