रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल जिला समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर पैनल) लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाना और अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ना था।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि लोग स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करने के साथ-साथ अपने बिजली के बिलों में भारी कटौती कर सकें।
पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार और विभागीय समन्वय पर जोर
Supaul योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका तय की गई है:
- व्यापक प्रचार-प्रसार: डीएम ने प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों की सभी पंचायतों में योजना का प्रचार कराएं।
- प्रतिनिधियों व कर्मियों का सहयोग: योजना से लोगों को जोड़ने के लिए मुखिया, सरपंच, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी सेविका, विकास मित्र, जीविका दीदी, आशा कार्यकर्ता और जन वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कर्मियों को जवाबदेही सौंपी गई है।
- अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं पर ध्यान: जिले के ऐसे बिजली उपभोक्ताओं को चिह्नित करने का अनुरोध किया गया है, जिनकी मासिक बिजली खपत अधिक है, ताकि वे सोलर पैनल लगवाकर राहत पा सकें।
- निरंतर निगरानी: प्रखंड विकास अधिकारियों को कनीय विद्युत अभियंताओं के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर आवेदनों और अधिष्ठापन की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय अनुदान का प्रावधान
Supaul बैठक के दौरान योजना के लिए जरूरी कागजात, आवेदन के तरीके और सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता की पूरी जानकारी साझा की गई:
- ज़रूरी दस्तावेज़: आवेदन के लिए उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड, विद्युत उपभोक्ता संख्या (CA Number), मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण और छत के स्वामित्व का स्व-अभिप्रमाणित प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
- आवेदन की सुविधा: पात्र उपभोक्ता आधिकारिक पोर्टल के अलावा ‘पीएम सूर्य घर’ मोबाइल ऐप और प्ले स्टोर पर उपलब्ध ‘बिहार ऐप’ के माध्यम से भी आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- बैंक ऋण व सब्सिडी: योजना के तहत आवेदकों को बैंकों के माध्यम से 5.75 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा क्षमता के अनुसार सब्सिडी का भी प्रावधान है:
- 1 किलोवाट संयंत्र: अधिकतम ₹40,000 तक का अनुदान।
- 2 किलोवाट संयंत्र: अधिकतम ₹80,000 तक का अनुदान।
- 3 किलोवाट या उससे अधिक: अधिकतम ₹98,000 तक का केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय अनुदान।
जिले के सभी प्रखंडों में लक्ष्य हासिल करने की रणनीति
Supaul जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजना की सफलता केवल विद्युत विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पंचायत और कृषि विभाग सहित सभी संबंधित विभागों का समन्वित प्रयास आवश्यक है। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक बागीस झा, विद्युत कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार रंजन व धनंजय कुमार सिंह सहित सभी सहायक व कनीय अभियंता भौतिक रूप से उपस्थित थे, जबकि बीडीओ, सीओ और प्रखंड कृषि पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्र में लोगों को उपलब्ध सुविधाओं, ऋण दरों और सरकारी सब्सिडी की सही जानकारी देकर जागरूक करें, ताकि सुपौल जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का क्रियान्वयन बड़े पैमाने पर सफल हो सके।
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