रिपोर्टर: दीनानाथ मौआर
Aurangabad : बिहार के औरंगाबाद में राम मंदिर में जमा चंदे और चढ़ावे में कथित गबन के विरोध में पूर्व कांग्रेस विधायक आनंद शंकर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुंदरकांड पाठ और हवन का आयोजन किया। औरंगाबाद से दीनानाथ की रिपोर्ट के अनुसार, इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को “सद्बुद्धि” देना और कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना था।
Aurangabad ‘करोड़ों भक्तों की आस्था से खिलवाड़’, पूर्व विधायक ने लगाया लूट का आरोप
पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों लोगों की अपार आस्था का प्रतीक है, जिससे समाज का हर वर्ग जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीएचपी (VHP), आरएसएस (RSS) और भाजपा से जुड़े लोगों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा मंदिर में जमा दान और संपत्ति का गबन किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं।
Aurangabad बिना रसीद दान लेने और करोड़ों की चांदी के गबन का दावा
आनंद शंकर ने आरोप लगाया कि देश भर के भक्तों और सिंधी समाज द्वारा मंदिर निर्माण के लिए भारी मात्रा में सोना, चांदी और नकद दान किया गया। लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी की ईंटें दान में दी गईं, लेकिन न तो दान की कोई आधिकारिक सूची बनाई गई और न ही दानदाताओं को रसीदें दी गईं। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों की शह पर यह पूरा गबन हुआ है।
ट्रस्ट के पुनर्गठन और निष्पक्षता पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित ट्रस्ट को स्वायत्तता दी गई थी, ताकि यह सरकारी और आरटीआई (RTI) नियंत्रण से बाहर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के 15 में से 13 सदस्य सत्ताधारी दल और उससे जुड़े संगठनों के पूर्व नेता हैं। इन्हीं लोगों और उनके करीबियों द्वारा अनियमितताएं की गईं। इसी के विरोध में आज भगवान राम से प्रार्थना की गई कि ऐसे कृत्य करने वालों को सद्बुद्धि मिले।

