रिपोर्टर: रंजन कमार
Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा में पुलिस ने छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह स्कॉलरशिप और ऑनलाइन फॉर्म भरने के बहाने छात्र-छात्राओं की बायोमैट्रिक पहचान (फिंगरप्रिंट) और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बिना उनकी जानकारी के फर्जी बैंक खाते खोलता था। शेखपुरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
Sheikhpura लाइब्रेरी संचालक और साइबर कैफे संचालक मिलकर चला रहे थे रैकेट
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ‘ज्ञानवृक्ष लाइब्रेरी’ का संचालक रवि कुमार और उसका सहयोगी साहिल कुमार (निवासी मालदाह) शामिल हैं, जो एक साइबर कैफे चलाता है। मामला तब सामने आया जब 5 अगस्त को मिशन थाना क्षेत्र की शिवानी कुमारी और अन्य छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी सहमति के बिना फिनो पेमेंट्स बैंक में फर्जी खाते खोल दिए गए हैं।
Sheikhpura स्कॉलरशिप के नाम पर लेते थे फिंगरप्रिंट, ₹5000 प्रति खाता मिलता था कमीशन
एसपी हिमांशु के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जांच शुरू की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी रवि कुमार अपनी लाइब्रेरी में आने वाले छात्रों से फॉर्म भरने के नाम पर दस्तावेज और बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट ले लेता था। इसके बाद साहिल कुमार, रवि की यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके फिनो पेमेंट्स बैंक में फर्जी खाते खोलता था। साहिल इस काम के बदले रवि को प्रति खाता ₹5,000 का भारी-भरकम कमीशन देता था।
आरोपियों के पास से बायोमैट्रिक स्कैनर और 14 ब्लैंक एटीएम कार्ड बरामद
पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि कुमार को उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक लैपटॉप, बायोमैट्रिक अंगूठा स्कैनर और मोबाइल जब्त किया गया। रवि की निशानदेही पर पुलिस ने साहिल कुमार को भी धर दबोचा। साहिल के पास से फिनो बैंक के 14 ब्लैंक एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अवैध कमीशन से जुड़े वित्तीय साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन फर्जी खातों का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों या पैसों के लेन-देन में किया जाना था।
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