रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : झारखंड के जामताड़ा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिण्डारी गांव स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र में छापेमारी कर रंगे हाथों साइबर ठगी कर रहे चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 11 मोबाइल फोन, 20 एक्टिवेटेड सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है, जबकि गिरोह का एक अन्य सदस्य भागने में सफल रहा।
Jamtara फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल करते थे हैक
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी कोरियर कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को कॉल करते थे। झांसे में लेने के बाद वे पीड़ित को एक फर्जी APK (एंड्रॉयड एप्लिकेशन) फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित इस फाइल को अपने मोबाइल में डाउनलोड और इंस्टॉल करता था, ठगों को उनके फोन का पूरा एक्सेस मिल जाता था। इसके जरिए वे बैंक अकाउंट, ओटीपी और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
Jamtara आंगनबाड़ी केंद्र को बना रखा था ठगी का अड्डा
हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को अपना सुरक्षित ठिकाना बना रखा था। गिरफ्तार आरोपियों में अरबाज अंसारी (20), शरीफ अंसारी (20), इरफान अंसारी (19) और फरीद अंसारी (19) शामिल हैं, जो जामताड़ा और पड़ोसी जिले देवघर के निवासी हैं। इनका गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाता था।
विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज, पुलिस की अपील
इस घटना के संबंध में जामताड़ा साइबर थाने में बीएनएस (BNS), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंडों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जामताड़ा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या APK फाइल को अपने मोबाइल में कदापि डाउनलोड न करें।
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