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रिपोर्टर: मयूर अवस्‍थी

New Delhi : भारत के खिलाफ सीमा पार से साजिश रचने वाले और निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकवादी संगठनों में इन दिनों भारी खौफ का माहौल है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक शीर्ष कमांडर रिजवान हनीफ ने एक जनसभा के दौरान बेहद सनसनीखेज कबूलनामा किया है। लश्कर कमांडर ने माना है कि पिछले 3 से 4 वर्षों के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में “अज्ञात गनमैन” (Unknown Gunmen) द्वारा उनके संगठन के 30 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा जा चुका है।

New Delhi PoK से लेकर रावलपिंडी और कराची तक टारगेट किलिंग्स का डर

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में लश्कर कमांडर रिजवान हनीफ अपनी बौखलाहट और बेबसी छिपा नहीं पा रहा है। वीडियो में उसे यह कहते सुना जा सकता है कि पाकिस्तान के प्रमुख शहरों और PoK के अलग-अलग इलाकों में उसके साथियों की चुन-चुनकर हत्या की जा रही है।

कमांडर ने बयान में कहा:

“भारत की एजेंसियों ने उन्हें यहाँ आज़ाद कश्मीर में भी चैन से नहीं रहने दिया। पिछले 3 से 4 वर्षों में ऐसी 30 से अधिक घटनाएँ घट चुकी हैं। कोई पेशावर में मारा गया, कोई कराची में, कोई रावलपिंडी में, कोई रावलकोट में तो कोई मुज़फ़्फ़राबाद में…”

हालांकि, यह वीडियो कब और कहाँ का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स का दावा है कि यह क्लिप इस साल मई में PoK में आयोजित एक आतंकी रैली के दौरान रिकॉर्ड की गई थी। यह पहला मौका है जब किसी शीर्ष आतंकी कमांडर ने सार्वजनिक मंच से इतने बड़े पैमाने पर कैडर के मारे जाने की बात स्वीकार की है।

New Delhi पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोप और भारत का स्पष्ट रुख

पाकिस्तान की ओर से इन लक्षित हत्याओं (Targeted Killings) का दोष अक्सर भारतीय एजेंसियों पर मढ़ने की कोशिश की जाती रही है, जिसे नई दिल्ली ने हमेशा निराधार बताकर खारिज किया है। भारत का हमेशा से स्पष्ट रुख रहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक संगठनों को पनाह देता आ रहा है।

हाल ही में लश्कर के आका हाफिज सईद के बेटे तलहा सईद का इस्लामाबाद में एक जनाजे के दौरान सुरक्षा घेरे में देखा जाना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि पाकिस्तान आज भी आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत

अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने भी अपनी धरती पर आतंकवादी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न करने के लिए पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय दबाव और वैश्विक मंचों पर बेनकाब होने के बावजूद, पाकिस्तान अपने यहाँ फल-फूल रहे आतंकी ढाँचे को ध्वस्त करने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। यही कारण है कि अब इन आतंकी गुटों के भीतर अंदरूनी कलह और अज्ञात हमलों को लेकर जबरदस्त दहशत फैल चुकी है।

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