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पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और आक्रामक बनाते हुए दक्षिणी प्रांतों में भीषण हवाई हमले किए हैं. ताजा हमले में ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर ‘बंदर खमीर’ को निशाना बनाया गया है, जहां एक प्रमुख पुल पर हुए मिसाइल हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए हैं. इस विनाशकारी हमले के बाद पुल के तबाह होने और उसमें लगी भीषण आग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है.

छठा दिन: अमेरिका ने नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचों को बनाया निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान पर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ ढीली करने के दबाव के बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार छठी रात ईरान पर ताबड़तोड़ बमबारी की है.

  • पुलों पर प्रहार: अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने मुख्य रूप से परिवहन व्यवस्था को ठप करने के लिए कई अहम पुलों को निशाना बनाया. इनमें बंदर अब्बास-काहुरेस्तान-लार मार्ग पर स्थित बंदर खमीर का मुख्य पुल भी शामिल है.
  • यातायात और बिजली ठप: इस हमले के चलते न सिर्फ यातायात के मुख्य मार्ग टूट गए हैं, बल्कि आसपास के बड़े इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है.

बंदर खमीर हमले में ७ की मौत, कई अन्य शहरों में भी धमाके

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (IRNA) ने स्वास्थ्य विभाग के हवाले से पुष्टि की है कि केवल बंदर खमीर में ही अमेरिकी मिसाइल हमलों की चपेट में आने से ७ नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई और ९ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिण ईरान के कई अन्य प्रमुख ठिकानों पर भी हमला बोला:

  1. चाबहार पोर्ट: ओमान की खाड़ी में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह के समुद्री यातायात नियंत्रण टॉवर (Maritime Traffic Control Tower) को मिसाइल से ध्वस्त कर दिया गया.
  2. ईरानशहर एयरपोर्ट: ईरानशहर हवाई अड्डे पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने कम से कम तीन बड़े धमाके किए.
  3. बंदर अब्बास और केश्म द्वीप: इन क्षेत्रों में भी सैन्य ठिकानों और रेलवे जंक्शन को निशाना बनाकर हमले किए गए हैं.

ईरान का जवाबी हमला: अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागी मिसाइलें

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने भी भारी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान ने सीरिया के अल-तंफ में स्थित अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड सेंटर और जॉर्डन के अज़राक एयर बेस पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा पलटवार करने का दावा किया है.

साथ ही, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाना बंद नहीं किया, तो वह क्षेत्र में अमेरिकी बेस की मेजबानी कर रहे अन्य देशों (जैसे कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन) के बुनियादी ढांचों को भी तबाह कर देगा. इस भीषण संघर्ष के चलते वैश्विक तेल बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द कर दी हैं.