रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Air Force Jawan Aryan Jhajharia Martyred : राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र स्थित पीपल का बास (मेहरादासी पंचायत) गांव में बुधवार को उस समय हर आंख नम हो गई, जब भारतीय वायुसेना के 22 वर्षीय जांबाज जवान आर्यन झाझड़िया का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक निवास पहुंचा। जैसे ही वीर सपूत की देह घर के आंगन में रखी गई, मां सरोज, पिता भागीरथ, बहन पूनम और दादी अन्ची देवी की करुण पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। अपने लाडले को अंतिम बार देख परिवार के लोग बेसुध हो गए, और समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
Air Force Jawan Aryan Jhajharia Martyred जनसैलाब के बीच निकली अंतिम तिरंगा यात्रा, ‘अमर रहे’ के नारों से गूंजा आसमान
शहीद आर्यन की पार्थिव देह को मंडावा से उनके पैतृक गांव पीपल का बास तक एक विशाल तिरंगा यात्रा के रूप में लाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में स्थानीय लोग, युवा और ग्रामीण सड़कों, छतों तथा गलियों में अपने नायक के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। रास्ते भर लोगों ने नम आंखों से पुष्प वर्षा कर वीर जवान को नमन किया। “भारत माता की जय” और “शहीद आर्यन अमर रहे” के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
Air Force Jawan Aryan Jhajharia Martyred वायुसेना ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर, जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार की रस्मों से पहले क्षेत्र की विधायक रीटा चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल ढूकिया और तहसीलदार सुरेंद्र भास्कर सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद श्मशान घाट पर भारतीय वायुसेना की आई टुकड़ी ने पूरे सैन्य प्रोटोकॉल और राजकीय सम्मान के साथ वीर जवान को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर अंतिम सलामी दी, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
Air Force Jawan Aryan Jhajharia Martyred चेन्नई में ड्यूटी के दौरान हादसे का हुए शिकार, छोटी उम्र में दी शहादत
14 जुलाई 2004 को जन्मे आर्यन झाझड़िया बचपन से ही देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत थे। उन्होंने फरवरी 2024 में भारतीय वायुसेना जॉइन की थी और उनकी पहली पोस्टिंग बेलगाम (कर्नाटक) में हुई थी। इसके बाद इसी साल 20 अप्रैल 2026 को उनका ट्रांसफर चेन्नई के अवाड़ी वायुसेना स्टेशन पर हुआ था। बीते 5 जुलाई को चेन्नई में ही कर्तव्य निर्वहन के दौरान एक दुखद हादसे में उनका आकस्मिक निधन हो गया। महज 22 वर्ष की अल्पायु में देश सेवा करते हुए आर्यन का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी बहादुरी और शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा।

