रिपोर्टर: सूर्यांश प्रताप
Supreme Court Home Buyers Compensation Decision : रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारों (Home Buyers) के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी फ्लैट या मकान का कब्जा (Possession) मिलने में देरी हुई है, तो खरीदार पजेशन लेने के बाद भी बिल्डर या डेवलपर के खिलाफ मुआवजे की मांग कर सकते हैं। इस फैसले से उन लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो बिल्डरों की लेटलतीफी के शिकार होते हैं।
Supreme Court Home Buyers Compensation Decision सुप्रीम कोर्ट ने पलटा उपभोक्ता आयोग (NCDRC) का आदेश
शीर्ष अदालत ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) के उस पुराने फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि एक बार फ्लैट का कब्जा लेने के बाद खरीदार ‘उपभोक्ता’ (Consumer) की श्रेणी में नहीं रहता और वह देरी के लिए हर्जाना नहीं मांग सकता। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस तर्क को पूरी तरह अनुचित ठहराया।
Supreme Court Home Buyers Compensation Decision कब्जा मिलने से खत्म नहीं होता देरी के मुआवजे का अधिकार
माननीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि खरीदार की शिकायत सिर्फ कब्जा पाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसकी मुख्य आपत्ति पजेशन मिलने में हुए विलंब को लेकर थी। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“कब्जा मिलने में देरी के लिए मुआवजे का दावा वास्तव में पजेशन मिलने से पहले की अवधि का होता है। इसलिए, बाद में फ्लैट मिल जाने मात्र से आवंटी (Allottee) का देरी के लिए मुआवजा पाने का कानूनी अधिकार अपने-आप समाप्त नहीं हो जाता।”
Supreme Court Home Buyers Compensation Decision आर्बिट्रेशन क्लॉज भी नहीं रोक सकता कंज्यूमर फोरम जाने का रास्ता
दिल्ली-एनसीआर के द्वारका में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े इस बेहद पुराने मामले (जिसमें कब्जा मिलने के 22 साल बीत चुके थे) पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एक और बड़ी कानूनी बात साफ की। कोर्ट ने कहा कि खरीदार और बिल्डर के बीच हुए एग्रीमेंट में मौजूद मध्यस्थता की शर्त (Arbitration Clause) भी खरीदार को अपनी शिकायत लेकर कंज्यूमर फोरम जाने से नहीं रोक सकती। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम में 2005 में दायर शिकायत को पुनः शुरू करने के आदेश देते हुए इसे एक साल के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं।

