रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के डोवाडीह गांव में एक आटा चक्की मिल संचालक की शराब मामले में हुई गिरफ्तारी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस कार्रवाई के विरोध में भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी (DM) तथा पुलिस अधीक्षक (SP) को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि किसी निर्दोष को सजा न भुगतनी पड़े।
Sheikhpura झाड़ियों में मिली शराब, मिल संचालक को बनाया निशाना
डोवाडीह गांव के निवासियों का कहना है कि उत्पाद विभाग की टीम ने गांव में स्थित आटा चक्की मिल के पीछे बनी झाड़ियों से शराब बरामद की थी। हालांकि, मिल परिसर के भीतर से शराब या उससे जुड़ा कोई भी संदिग्ध साक्ष्य हाथ नहीं लगा था। इसके बावजूद, पुलिस ने मिल संचालक मनोज महतो को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा और जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया है।
Sheikhpura सामाजिक कार्यकर्ता की छवि, पहले भी हो चुका है चक्काजाम
प्रशासन को सौंपे गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने तर्क दिया है कि मनोज महतो गांव के एक प्रतिष्ठित नागरिक और सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका शराब के अवैध कारोबार से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। इस कथित गलत गिरफ्तारी से नाराज ग्रामीणों ने एक दिन पहले ही बरबीघा-वारिसलीगंज मुख्य मार्ग को करीब दो घंटे तक पूरी तरह जाम कर दिया था। बाद में स्थानीय पुलिस प्रशासन के समझाने और उचित कार्रवाई के भरोसे के बाद ही चक्काजाम समाप्त हुआ था।
Sheikhpura उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने उत्पाद विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग पहले भी कई बार बिना पुख्ता सबूतों के इस तरह की मनमानी और गलत गिरफ्तारियां कर चुका है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि मामले की सत्यता और इसके पीछे की पूरी कहानी की बारीकी से जांच की जाए, ताकि निर्दोष मनोज महतो को जल्द से जल्द रिहा किया जा सके और असली अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

