रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Jaisalmer : राजस्थान के जैसलमेर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ के एक स्थानीय कचरा डंपिंग यार्ड में 500 से ज्यादा गायों और नंदी के शव अत्यंत दयनीय स्थिति में बिखरे हुए मिले हैं। इस दर्दनाक मंजर के सामने आने के बाद गौरक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि जहरीला कचरा और भारी मात्रा में प्लास्टिक खाने की वजह से इन बेसहारा गोवंशों की अकाल मौत हुई है।
Jaisalmer नगर परिषद की लापरवाही से डंपिंग यार्ड बना ‘मौत का कुआं’
यह दर्दनाक नजारा जैसलमेर के बड़ाबाग के पास स्थित डंपिंग यार्ड का है। नियमानुसार मृत पशुओं के शवों को एक निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर दफनाने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की थी। लेकिन घोर लापरवाही बरतते हुए शवों को खुले मैदान में ही फेंक दिया गया, जिससे वहाँ लाशों का अंबार लग गया। ग्रामीणों के अनुसार, खुले में पड़े प्लास्टिक, पॉलीथीन और हानिकारक कचरे को खाने के कारण यहाँ आए दिन बेसहारा गायें दम तोड़ रही हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
Jaisalmer ‘नेताओं को वोट चाहिए, गोमाता नहीं’ — भड़के गौरक्षक
बार-बार शिकायत के बाद भी डंपिंग यार्ड को आबादी और गोचर क्षेत्र से दूर न किए जाने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए गौरक्षक हाकम दान ने कहा कि यार्ड की स्थिति इतनी भयावह और बदबूदार है कि वहाँ कोई अपनी आंखों से देख भी नहीं सकता। उन्होंने नेताओं और अधिकारियों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय गोमाता के नाम पर वोट मांगने वाले जनप्रतिनिधियों को आज यहाँ की सुध लेने में शर्म आ रही है। वहीं नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी एयर कंडीशनर (AC) कमरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं और आम जनता के फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
Jaisalmer डंपिंग यार्ड को तुरंत हटाने की उठी मांग
इस घटना के बाद से पूरे जैसलमेर में तनाव और गुस्से का माहौल है। गौरक्षकों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस कचरा डिपो को तत्काल प्रभाव से किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित (Shift) नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। स्थानीय नागरिक अब नगर परिषद और जिला प्रशासन से इस लापरवाही के जिम्मेदार ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

