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रिपोर्टर: रतना मिश्रा

Saharsa : बिहार के सहरसा जिले में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की स्थापना की मांग अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने अपनी आवाज और बुलंद कर दी है।

Saharsa शंकर चौक पर धरना और संघर्ष का संकल्प

सहरसा में एम्स के निर्माण को लेकर शंकर चौक स्थित मंदिर परिसर में एक सांकेतिक धरने का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता मनोज गुप्ता ने की, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व वार्ड पार्षद मिथिलेश झा द्वारा किया गया। धरने में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में यह प्रस्ताव पारित किया कि एम्स की स्थापना के लिए चल रहे इस शांतिपूर्ण संघर्ष को अब एक व्यापक और निर्णायक आंदोलन में बदला जाएगा।

Saharsa स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझता कोसी क्षेत्र

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कोसी इलाके की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने कहा कि आज भी इस क्षेत्र की एक बहुत बड़ी आबादी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है। किसी भी गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को मीलों दूर पटना, दरभंगा या अन्य बड़े महानगरों की ओर भागना पड़ता है। ऐसे में सहरसा में एम्स का निर्माण कोसी अंचल के लाखों निवासियों के लिए संजीवनी का काम करेगा।

Saharsa मांग पूरी न होने पर गांव-गांव तक फैलेगा जन-आंदोलन

इस धरना प्रदर्शन में कोशी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष विनोद कुमार और संरक्षक प्रवीण आनंद मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके साथ-साथ प्रवीण सिंह, संजय कुमार सिन्हा, हरिश्चंद्र चौधरी, अमृत राज और ध्रुव चौधरी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सरकार से एम्स निर्माण की दिशा में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की। साथ ही यह सख्त चेतावनी भी दी गई कि यदि इस मांग को अनसुना किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन गांव-गांव तक पहुंचेगा और उग्र रूप धारण करेगा।

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