रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Kanpur : उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान और चौकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जहां इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों के पुलिस कमिश्नरेट परिसर पहुंचने से हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही खबरों और दावों के मुताबिक, हथियारबंद अर्धसैनिक बल के जवान भारी संख्या में कमिश्नर कार्यालय के आसपास एकत्र हो गए। इस औचक घटनाक्रम से वहां ड्यूटी पर तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप और असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई।
Kanpur जवान की मां के उपचार में लापरवाही और सुनवाई न होने पर उपजा आक्रोश
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ में एक आईटीबीपी कमांडो की बुजुर्ग मां का मामला है। बताया जा रहा है कि कमांडो की मां का हाथ किसी हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हो गया था, जिसके इलाज के दौरान कथित तौर पर बड़ी लापरवाही बरती गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उदासीन रवैये से क्षुब्ध होकर न्याय की मांग को लेकर जवानों को कमिश्नरेट का रुख करना पड़ा।
Kanpur छावनी में तब्दील हुआ परिसर, स्थिति संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
जवानों की मौजूदगी की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे पुलिस कमिश्नरेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल कड़ा कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जवानों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और वायरल वीडियो को लेकर अभी तक कानपुर पुलिस प्रशासन या आईटीबीपी (ITBP) मुख्यालय की तरफ से कोई भी आधिकारिक और स्पष्ट बयान जारी नहीं किया गया है।
Kanpur सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, सुरक्षा बलों और पुलिस के समन्वय पर उठे सवाल
इस घटना से जुड़े कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं, जिस पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जहां एक वर्ग पीड़ित परिवार और जवान के समर्थन में खड़ा है, वहीं दूसरा पक्ष इस संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि वायरल दावों में सच्चाई है, तो यह स्थिति केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के आपसी समन्वय व शिकायत निवारण तंत्र पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल दोनों पक्षों के आधिकारिक रुख का इंतजार किया जा रहा है।

