रिपोर्टरर: गनेश सिंह
Kumaon : कुमाऊं मंडल के विकास और शहरी नियोजन को एक नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने ‘भवन सर्वे’ (Building Survey) की व्यापक शुरुआत कर दी है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के भवनों का एक सटीक और व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करना है। यह कदम आने वाले समय में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
Kumaon घर-घर पहुंचेगी टीम: डेटा संग्रह की प्रक्रिया
प्रशासन द्वारा गठित टीमें अब कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का कार्य करेंगी। सर्वे के दौरान टीम के सदस्य मकान मालिकों से भवन से संबंधित कुछ बुनियादी सवाल पूछेंगे। इसके अलावा, पहचान के तौर पर भवनों पर विशिष्ट नंबर या निशान भी अंकित किए जा सकते हैं। दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि यह एक पूर्णतः आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया है। इससे न केवल संपत्तियों का विवरण सुरक्षित होगा, बल्कि भविष्य में आपदा प्रबंधन और शहरी सुविधाओं के विस्तार में भी मदद मिलेगी।
Kumaon सुरक्षा और सतर्कता: आई-कार्ड की जांच अनिवार्य
कमिश्नर ने जनता से अपील की है कि वे इस कार्य में प्रशासन का सहयोग करें, लेकिन साथ ही अपनी सुरक्षा के प्रति भी सजग रहें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए, घर आए कर्मचारी का सरकारी पहचान पत्र (ID Card) अवश्य देखें। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि केवल अधिकृत कर्मचारी ही इस सर्वे को अंजाम देंगे। यदि किसी को टीम की विश्वसनीयता पर संदेह हो या सर्वे प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी चाहिए, तो वे प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 1855 पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच कॉल कर सकते हैं।
Kumaon व्यवस्थित विकास की ओर बढ़ता कदम
इस सर्वे का दीर्घकालिक लाभ क्षेत्र के व्यवस्थित नियोजन के रूप में देखने को मिलेगा। वर्तमान में सटीक डेटा के अभाव में कई बार सरकारी सुविधाएं पात्र व्यक्तियों तक देरी से पहुँचती हैं। इस डिजिटल और फिजिकल सर्वे के माध्यम से प्रशासन के पास हर निर्माण का विवरण होगा, जिससे बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की प्लानिंग करना आसान हो जाएगा। कमिश्नर ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे इसे एक सकारात्मक पहल के रूप में देखें और टीम को सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
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