रिपोर्टर: गनेश सिंह
Rishikesh : तकनीक का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है, इसका एक ताजा और गंभीर उदाहरण तीर्थनगरी ऋषिकेश में देखने को मिला है। यहाँ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के दीक्षांत समारोह के दौरान एक कथित ‘महाराज’ ने अपना प्रभाव जमाने के लिए देश के माननीय उपराष्ट्रपति की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Rishikesh दीक्षांत समारोह की आड़ में रसूख दिखाने की साजिश
बीती 23 अप्रैल 2026 को एम्स ऋषिकेश में दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया था, जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे थे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, स्वामी रसिक महाराज नामक व्यक्ति ने इस अवसर का गलत फायदा उठाया। उसने सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों के साथ बेहद करीब खड़ा दिखाई दे रहा था।
Rishikesh एआई और एडिटिंग टूल्स से तैयार की ‘डिजिटल जालसाजी’
प्रशासन और पुलिस को जब इन तस्वीरों पर संदेह हुआ, तो गहनता से तकनीकी जांच की गई। जाँच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी कभी उपराष्ट्रपति के करीब गया ही नहीं था। उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर का सहारा लेकर अपनी फोटो को उपराष्ट्रपति की तस्वीरों के साथ जोड़ दिया था। पुलिस के अनुसार, इस फर्जीवाड़े का मुख्य उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और शासन-प्रशासन में अपना नकली प्रभाव दिखाकर निजी हित साधने की कोशिश करना था।
Rishikesh पुलिस की कड़ी कार्रवाई: विभिन्न धाराओं में केस दर्ज
चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार की तहरीर पर ऋषिकेश पुलिस ने इस गंभीर चूक और जालसाजी को लेकर मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने साफ किया है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की सुरक्षा और गरिमा के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन तस्वीरों का उपयोग कहीं किसी वित्तीय धोखाधड़ी के लिए तो नहीं किया गया।
Also Read This: Bhopal-Indore Metro: 27 अप्रैल से यात्रियों की होगी चांदी! टिकट और रिचार्ज पर मिलेगी भारी छूट

