KedarnathKedarnath
Spread the love

रिपोर्टर: गनेश सिंह

Kedarnath : बाबा केदार के कपाट खुलते ही आस्था का जो सैलाब उमड़ा, वह प्रशासन की तैयारियों पर भारी पड़ता नजर आया। चारधाम यात्रा के पहले ही दिन केदारनाथ धाम में कुप्रबंधन की तस्वीरें सामने आईं। विशेष रूप से हेलीकॉप्टर सेवा के अचानक ठप हो जाने से उन यात्रियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा, जिन्होंने महीनों पहले बुकिंग कराई थी। सरकार की “सुगम यात्रा” के तमाम दावे पहले ही दिन धरातल पर दम तोड़ते दिखे।

Kedarnath उड़ानों पर ‘वीआईपी’ ग्रहण: सुबह से ही ठप रही सेवा

पवित्र धाम के कपाट खुलने के साथ ही सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टर संचालन प्रस्तावित था। यात्री उत्साह के साथ सिरसी हेलीपैड पर जमा हो गए थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी ‘हिमालयन हेली’ की उड़ानों को केदारनाथ में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली।

सूत्रों के अनुसार, इसका मुख्य कारण धाम में लगातार हो रहा वीआईपी मूवमेंट (VIP Movement) रहा। अतिविशिष्ट मेहमानों की आवाजाही के चलते सामान्य उड़ानों को नियंत्रित कर दिया गया, जिससे आम यात्रियों का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया।

Kedarnath यात्रियों का सब्र टूटा: बिना दर्शन वापस लौटे दर्जनों श्रद्धालु

अव्यवस्था का आलम यह रहा कि सिरसी और फाटा जैसे हेलीपैडों पर सैकड़ों यात्री फंसे रहे। जानकारी के मुताबिक, 100 से अधिक यात्रियों को अपनी टिकट रद्द कराकर निराश होकर वापस लौटना पड़ा, क्योंकि प्रबंधन ने उड़ानों के समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

दूर-दराज के राज्यों से आए बुजुर्ग और बीमार यात्रियों के लिए यह स्थिति और भी कष्टदायक रही। घंटों कड़ाके की ठंड में इंतजार करने के बाद जब उड़ानें शुरू नहीं हुईं, तो श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

Kedarnath दावों और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर

चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बेहतर प्रबंधन, सुव्यवस्थित यातायात और त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन पहले ही दिन सामने आई इस स्थिति ने इन दावों की पोल खोल दी है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि प्रशासन वीआईपी आगमन और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन नहीं बना पा रहा है, तो आने वाले दिनों में जब भीड़ बढ़ेगी, तब स्थिति और भी भयावह हो सकती है। यात्रियों ने मांग की है कि हेली सेवाओं को वीआईपी दबाव से मुक्त रखा जाए ताकि आम आदमी की आस्था का अपमान न हो।

Also Read This: Fatehabad: भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला फूंक जताया रोष

You missed