रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Gwalior : डिजिटल भुगतान के इस दौर में साइबर ठग लगातार आम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नेक पैंतरे अपना रहे हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने एक साधारण फल विक्रेता महिला को अपना निशाना बनाया। खुद को पेटीएम कंपनी का कर्मचारी बताकर आरोपी ने महिला के मोबाइल से करीब 67 हजार रुपये की बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर ली। इस घटना के बाद से पीड़िता और उसका परिवार गहरे सदमे में है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
ठग ने पेटीएम कर्मचारी बनकर दिया झांसा, मोबाइल चेक करने के बहाने हथियाया फोन
Gwalior प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के सिंधिया नगर की रहने वाली 30 वर्षीय लक्ष्मी आदिवासी अपने पति छोटू सिंह के साथ मिलकर नाका चंद्रवदनी स्थित बड़े पुल के पास फलों का ठेला लगाकर अपने परिवार का गुजारा करती हैं। 21 सितंबर की शाम लगभग 6 बजे एक अनजान व्यक्ति उनके ठेले पर आया। उस शातिर ठग ने खुद को नामी डिजिटल पेमेंट कंपनी ‘पेटीएम’ का कर्मचारी बताया और कहा कि वह उनके डिजिटल अकाउंट या क्यूआर कोड की तकनीकी जांच करने आया है।
दंपति उसकी चिकनी-चुपड़ी बातों और भरोसे में आ गए और उन्होंने अपना स्मार्टफोन उस व्यक्ति के हाथ में सौंप दिया। इसी का फायदा उठाकर शातिर ने न सिर्फ मोबाइल अपने कब्जे में लिया, बल्कि बड़ी चालाकी से फोन का पासवर्ड और अन्य जरूरी गोपनीय जानकारियां भी हासिल कर लीं। कुछ देर बाद मोबाइल वापस लौटाकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
एक घंटे के भीतर छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर पार की गई पूरी रकम
Gwalior महिला के मुताबिक, शातिर ठग ने शाम 6:30 बजे से 7:30 बजे के बीच यानी महज एक घंटे के भीतर उनके बैंक खाते को खाली कर दिया। आरोपी ने कुल छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए महिला के बैंक अकाउंट से 67 हजार 674 रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर लिए। चूंकि उस समय दंपति अपने काम में व्यस्त थे और उन्हें तुरंत मोबाइल पर आने वाले मैसेज की भनक नहीं लगी, इसलिए वे इस बड़ी धोखाधड़ी को समझ नहीं पाए।
करीब एक महीने बाद यानी 15 अक्टूबर को जब महिला ने अपने फोन में बैंक अकाउंट चेक किया, तब उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से एक भारी रकम गायब देखकर उनके होश उड़ गए।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत के बाद झांसी रोड थाने में मामला दर्ज
Gwalior खाते से पैसे कटने की बात सामने आने पर पीड़िता ने तुरंत पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर साइबर सेल में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में ई-जीरो एफआईआर दर्ज की और बाद में मामले को संबंधित झांसी रोड थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया।
फिलहाल झांसी रोड थाना पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर अज्ञात ठग के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उन बैंक खातों की डिटेल भी निकाली जा रही है, जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल लेन-देन के दौरान अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।

