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Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के बच्चों को न सिर्फ उच्च गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि उनमें बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत कर रही है। इसी उद्देश्य के तहत राज्य के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों में 1 नवंबर से 7 नवंबर तक ‘ब्रिक्स (BRICS) सतत जीवनशैली सप्ताह’ का भव्य और व्यापक स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के माध्यम से प्रदेश के 1.42 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

‘मिशन लाइफ’ के सात विषयों पर आधारित है पूरा साप्ताहिक कार्यक्रम

Lucknow यह पूरा विशेष सप्ताह ‘मिशन लाइफ’ के सात प्रमुख और महत्वपूर्ण विषयों पर पूरी तरह से केंद्रित है, जिसके जरिए बच्चों को प्रकृति के करीब लाने और संसाधनों के सदुपयोग का पाठ पढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, सप्ताह के प्रत्येक दिन एक नए विषय पर आधारित रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

इस अभियान की शुरुआत 1 नवंबर को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ हुई, जिसके बाद 2 नवंबर को ऊर्जा की बचत और 3 नवंबर को जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संपन्न हुए। इसी कड़ी में 4 नवंबर को टिकाऊ खाद्य प्रणालियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। अब आगामी दिनों में यानी 5 नवंबर को एकल उपयोग प्लास्टिक से पूरी तरह दूरी बनाने, 6 नवंबर को ई-कचरे (इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट) को कम करने तथा 7 नवंबर को सामान्य कचरा प्रबंधन पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन सभी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और उनके संरक्षण के प्रति पूरी तरह जागरूक करना है।

स्कूलों में शपथ, कार्यशालाओं और पोस्टरों के जरिए जगाई जा रही अलख

Lucknow योगी सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश के तमाम विद्यालयों को केवल पढ़ाई का केंद्र न बनाकर पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का मुख्य केंद्र बनाया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान स्कूलों में विशेष रूप से ‘मिशन लाइफ’ की शपथ दिलाई जा रही है, जिससे छात्र-छात्राएं पर्यावरण के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझ सकें।

इसके साथ ही विद्यालयों में बच्चों के बीच पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं, विचार गोष्ठियां, नुक्कड़ नाटक, रचनात्मक कार्यशालाएं और वृहद स्तर पर जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं। इसमें स्कूलों के इको क्लबों की भूमिका बेहद सराहनीय और सक्रिय रही है। शिक्षकों और विद्यार्थियों की संयुक्त सहभागिता से ऊर्जा बचत, पानी की एक-एक बूंद का महत्व, प्लास्टिक के इको-फ्रेंडली विकल्प तलाशने और कचरे के पृथक्करण (गीला और सूखा कचरा अलग करना) जैसे अहम विषयों पर समाज में संदेश दिया जा रहा है। इन स्कूलों के बच्चे इन सीखों को केवल अपनी कक्षाओं तक सीमित न रखकर अपने घरों और आस-पड़ोस के समुदायों तक भी पहुंचा रहे हैं।

भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही सरकार और शिक्षा विभाग

Lucknow राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के कारण आज उत्तर प्रदेश का शिक्षा विभाग बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दे रहा है। ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह जैसी पहल बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों और उनके समाधानों से रूबरू करा रही है।

वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग की महानिदेशक मोनिका रानी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों में आज विकसित होने वाली ये छोटी-सी हरी भरी आदतें आने वाले कल में देश और पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ा सुरक्षा कवच साबित होंगी। विभाग की ओर से इस पूरे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी और दिशा-निर्देश आधिकारिक पोर्टल ‘ecoclubs.education.gov.in’ के माध्यम से सभी विद्यालयों तक पहुंचाए गए हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों में इस अभियान को लेकर छात्रों और शिक्षकों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है, जो आने वाले समय में एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ उत्तर प्रदेश के निर्माण की मजबूत नींव रखेगा।

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